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पुलवामा हमले की चार्जशीट में जैश के मसूद अज़हर का नाम, पाक करेगा कार्रवाई?

फ़ाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (एफ़एटीएफ़) की आँखों में धूल झोंकने के लिए कुछ आतंकवादियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का दिखावा करने वाला पाकिस्तान क्या मसूद अज़हर के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगा? क्या वह उसे भारत को न भी सौंपे तो अपने यहाँ ही सही, पुलवामा हमले में उसकी भूमिका की जाँच करेगा?
ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के मामले से जुड़े चार्जशीट में मसूद अज़हर का नाम है। राष्ट्रीय जाँच एजेन्सी एनआईए ने जम्मू की अदालत में मंगलवार को वह चार्जशीट जमा कर दी।
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5000 पेज की चार्जशीट

14 फ़रवरी, 2019 को पुलवामा में एक सुनियोजित आतंकवादी हमले में हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी सीआरपीएफ़ के काफ़िले से भिड़ा दी थी। इस धमाके में सीआरपीएफ़ के 40 सिपाही शहीद हुए थे।
एनआईए ने 5,000 पेज की चार्जशीट में जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अज़हर, उसके भाई रऊफ़ असगर समेत 20 लोगों को नामजद किया है।

ऑडियो-वीडियो सबूत

इस चार्जशीट में आरडीएक्स समेत विस्फोटकों की तसवीरें, वॉट्सऐप चैट और वे दूसरी तसवीरें भी शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान स्थित जैश के कमांडर उमर फ़ारूक के फ़ोन से बरामद किया गया था। 
इस चार्जशीट में पुलवामा हमले की तारीफ करते हुए मसूद अज़हर के वीडियो और ऑडियो क्लिप्स भी शामिल किए गए हैं। इसमें जैश-ए-मुहम्मद के टेलीग्राम ग्रुप पर पुलवामा हमले के बाद डाला गया वह पोस्ट भी शामिल है, जिसमें दावा किया गया है कि '100 हिन्दू सैनिकों को मार डाला गया और नष्ट कर दिया गया है।'

किन लोगों के नाम हैं चार्जशीट में?

भारत ने अज़हर मसूद को सौंपने की माँग पाकिस्तान से पहले भी की है। मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में भी मसूद का नाम था। चार्जशीट में पुलवामा के ही रहने वाले हमलावर आदिल अहमद डार, जिसने गाड़ी सीआरपीएफ़ काफ़िले के साथ भिड़ा दी थी, का भी नाम है।
शाकिर बशीर मगरी का नाम चार्जशीट में है। यह वह आतंकवादी है जो गाड़ी में गया था, पर लगभग आधा किलोमीटर पहले ही उतर गया था। 
मगरी ने विस्फोट के लिए अमोनियम पाउडर, बैटरी और दस्ताने मुहैया कराए थे। मगरी बढ़ई का काम करता था और विस्फोट की जगह के पास ही रहता था। उसने सीआरपीएफ़ की गाड़ियों की आवाजाही की निगरानी की थी।

कश्मीर घाटी के ही बडगाम के रहने वाले मुहम्मद इकबाल राठर का नाम भी चार्जशीट में है, जो पाकिस्तान से आए आतंकवादी को ले कर आया था।

बिलाल अहमद कुचे ने जैश-ए-मुहम्मद को वह फ़ोन इंतजार कर दिया था, जिससे हमले के पहले डार के बयान की रिकॉर्डिंग की गई थी।

चार्जशीट में इसके अलावा मुहम्मद अब्बास राठर, वीज़-उर-इसलाम, तारिक अहमद शाह और इंशा जान के भी नाम हैं।

ये सभी आतंकवादी जैश-ए-मुहम्मद से जुड़े हुए हैं। 

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