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अवैध खनन मामला: जानिए, हेमंत सोरेन को क्या बड़ी राहत मिली?

अवैध खनन के मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अवैध खनन के मामले में दायर याचिकाओं को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश को पलट दिया है। झारखंड हाई कोर्ट ने हेमंत सोरेन के खिलाफ जांच की मांग को लेकर दायर याचिकाओं को सुनवाई के योग्य माना था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये याचिकाएं सुने जाने के योग्य नहीं हैं। सीजेआई यूयू ललित, जस्टिस एस. रविंद्र भट्ट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की अदालत ने यह फैसला सुनाया। 

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सत्यमेव जयते कहा है। 

क्या है मामला?

हेमंत सोरेन पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए जून 2021 में अपने ही नाम खदान का पट्टा आवंटित कर लिया था। इसके खिलाफ बीजेपी नेता रघुवर दास व बाबूलाल मरांडी ने राज्यपाल से शिकायत की थी और कहा था कि इसमें ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला बनता है। बीजेपी ने मांग की थी कि मुख्यमंत्री को अयोग्य घोषित कर दिया जाना चाहिए और भारत के संविधान के अनुच्छेद 191 (e) और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल्स एक्ट की धारा 9ए का हवाला दिया था। 

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बीजेपी की शिकायत पर राज्यपाल रमेश बैंस ने इस मामले को चुनाव आयोग को भेज दिया था। चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत ब्यौरा मांगा था और राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजा था। चुनाव आयोग ने खनन लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों के प्रमाणीकरण के अलावा लीज के नियमों और शर्तों का विवरण मांगा था। 

विधानसभा से सदस्यता पर संशय 

बताना होगा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा से सदस्यता के मामले में अभी तक राज्यपाल ने चुनाव आयोग के द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है, जिसे लेकर राज्य में असमंजस वाले हालात बने हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने खनन मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दोषी ठहराते हुए विधानसभा से उनकी अयोग्यता की सिफारिश की है। इसका मतलब यह है कि राज्यपाल द्वारा अयोग्यता के संबंध में नोटिफिकेशन जारी करने के बाद सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। 

ईडी का शिकंजा 

ईडी ने इस साल जुलाई में हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को गिरफ्तार किया था और लगभग 12 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की थी। ईडी ने झारखंड में कई जगहों पर छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज और 5 करोड़ रुपए बरामद किए थे। 

ईडी ने अगस्त के महीने में अवैध खनन के मामले में प्रेम प्रकाश नाम के शख्स को गिरफ्तार किया था। प्रेम प्रकाश को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बेहद करीबी बताया जाता है। ईडी ने प्रेम प्रकाश के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का भी मुकदमा दर्ज किया था।

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ईडी ने अवैध खनन के मामले में झारखंड, बिहार, तमिलनाडु और दिल्ली-एनसीआर में 16 जगहों पर छापेमारी की थी। अवैध खनन के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी ईडी के रडार पर हैं।

खनन मामले में जांच एजेंसी ईडी के द्वारा समन किए जाने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनौती दी थी कि अगर वह दोषी हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए। ईडी ने मुख्यमंत्री से गुरुवार को खनन मामले में पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा था लेकिन वह एजेंसी के सामने नहीं पहुंचे थे। झारखंड में कई जगहों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जांच एजेंसी ईडी के खिलाफ प्रदर्शन किया था। 

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