झारखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 1.57 करोड़ लोगों को कोरोना टीका देने पर लगभग 1,100 करोड़ रुपए का खर्च बैठेगा, जो राज्य पर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ होगा।
आज़ाद भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि राज्यों से कहा गया है कि वे अपने लोगों के लिए टीका ख़ुद खरीदें।