पानी में खड़ी गर्भवती हथिनी।
मोहन कृष्णन आगे लिखते हैं, ‘हथिनी जब दर्द के कारण गांव की गलियों में भाग रही थी, तब भी उसने गांव के एक भी आदमी, एक भी घर को नुक़सान नहीं पहुंचाया। इसलिए मैं कहता हूं कि वह बहुत अच्छी थी।’ मोहन कृष्णन ने मलयालम भाषा में यह इमोशनल पोस्ट लिखी है। उन्होंने हथिनी की फ़ोटो भी पोस्ट की हैं।