loader

कोरोना ग्रस्त बीजेपी विधायक ने एमपी राज्यसभा चुनाव में डाला वोट

नीमच जिले की जावद सीट से बीजेपी विधायक ओमप्रकाश सखलेचा और उनकी पत्नी संगीता सखलेचा कोरोना पाॅजिटिव से ग्रस्त पाये गये हैं। सखलेचा के कोरोनाग्रस्त होने की सूचना से मध्य प्रदेश के बीजेपी विधायकों, नेताओं और विधानसभा सचिवालय में हड़कंप मच गया है, क्योंकि उन्होंने शुक्रवार को हुए राज्यसभा चुनाव में मतदान किया है। 
दरअसल, विधायक सखलेचा 17 जून से भोपाल में बने हुए हैं। वह राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के लिए भोपाल आये थे। राज्यसभा चुनाव रणनीति को अंतिम रूप देने के लिये भोपाल में बीजेपी विधायकों की बुलाई गईं तमाम बैठकों में वह शामिल होते रहे।
मध्य प्रदेश से और खबरें
विधानसभा परिसर में राज्यसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग मे ओमप्रकाश सखलेचा ने ना केवल हिस्सा लिया, बल्कि पूरे दिन मतदान स्थल पर ही रहे।

हड़कंप

सखलेचा के कोरोना संक्रमित होने की सूचना आते ही उन बीजेपी विधायकों और नेताओं में हड़कंप मच गया जो पिछले तीन दिनों से सखलेचा के सीधे संपर्क में थे। कांग्रेस के उन विधायकों के माथे पर भी चिंता की लकीरें नजर आयीं, जिन्होंने सखलेचा से सौजन्यतावश मुलाक़ातें कीं थीं। पाँचवीं बार के विधायक ओमप्रकाश सखलेचा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र कुमार सखलेचा के पुत्र हैं।

सबसे ज्यादा अफरातफरी विधानसभा सचिवालय के उन अधिकारियों और कर्मचारियों में देखी गईं जो राज्यसभा चुनाव के लिए हुई वोटिंग में जुटे होने की वजह से सखलेचा के सीधे संपर्क में आये थे।

सीएम, मंत्रियों से मिले थे सखलेचा

सखलेचा ने राज्यसभा चुनाव को लेकर आयोजित तमाम बैठकों के दौरान कई बार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वी. डी. शर्मा और अन्य आला नेताओं से सीधी मेल-मुलाकातें कीं। वह मुख्यमंत्री और मंत्रियों से भी कई बार मिले। संभाग के विधायकों के साथ रहते हुए नाश्ता और भोज आदि भी उन्होंने किया।

सचिवालय ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज

मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने राज्यसभा चुनाव के दौरान के उन फुटेज को खंगाला है, जिनमें ओमप्रकाश सखलेचा नज़र आ रहे हैं। फुटेज के ज़रिये यह पता लगाया जा रहा है कि सखलेचा ने बेहद करीब से किस-किस से और कितनी देर तक मुलाक़ात की।

कोरोना टेस्ट कराने पहुँचे विधायक

ओमप्रकाश सखलेचा के कोरोना पाॅजिटिव होने की भनक लगते ही विधायकों में ख़ौफ़ फैल गया। अनेक विधायकों ने कोरोना का टेस्ट कराया। नीमच से लगे हुए मंदसौर ज़िले के बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, गरोठ के बीजेपी विधायक देवीलाल धाकड़ और रतलाम ग्रामीण के बीजेपी एमएलए दिलीप कुमार मकवाना कोरोना की जाँच कराने के लिए शनिवार भोपाल के शासकीय जयप्रकाश चिकित्सालय पहुँचे। सभी ने कोरोना की जाँच के लिये ना केवल अपने-अपने नमूने दिये, बल्कि परिजनों और स्टाॅफ के लोगों के नमूने भी दिलवाये।

क्या कहा सखलेचा ने?

सखलेचा ने ‘सत्य हिन्दी’ को बताया, उनकी पत्नी संगीता को शुक्रवार को कुछ असहजता महसूस हो रही थी। उन्हें बुखार था। स्वयं सकलेचा का टेम्परेच भी बढ़ा हुआ था। छोटे भाई के कहने पर सखलेचा और उनकी पत्नी संगीता ने एक निजी अस्पताल में टेस्ट कराये।

शुक्रवार को रात साढ़े दस बजे दोनों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पाॅजिटिव आयी। रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद भोपाल के 45 बंगले स्थित अपने सरकारी निवास पर वे क्वरेन्टाइन हो गये।

सखलेचा ने दावा किया कि पत्नी और उन्हें कोरोना का कोई लक्षण पहले से नहीं था, रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद भी कोरोना का कोई लक्षण महसूस नहीं हो रहा है।
सखलेचा ने ‘सत्य हिन्दी’ को यह भी बताया कि ‘आज सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी का उन्हें फोन आया था। सीएम साहब ने कुशलक्षेम जानी। मशविरा दिया कि वह और उनकी पत्नी भोपाल के उस निजी अस्पताल में भरती हो जायें, जो 'कोविड 19' के रोगियों के उपचार के लिए अधिकृत है।’

सखलेचा ने कहा, ‘अस्पताल में भरती होने अथवा भोपाल स्थित घर पर रहकर उपचार कराने के बारे में वह चिकित्सकों से विमर्श कर रहे हैं। चिकित्सक जैसी सलाह देंगे, वैसा कदम वह उठायेंगे।

जावद छोड़कर फार्म हाउस

बताया गया है कि ओमप्रकाश सखलेचा अपने परिवार के साथ पिछले 15-20 दिनों से सखलेचा घाटी जावद स्थित अपने मूल घर को छोड़ चुके थे। वह जावद से क़रीब 8 किलोमीटर दूर स्थित अठाना रोड के अपने फार्म हाउस पर रह रहे थे।

ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण की संभावनाओं के चलते उन्होंने यह कदम उठाया होगा। सखलेचा दावा कर रहे हैं कि जावद शहर में कोरोना का प्रकोप बढ़ने और उनके घर के ठीक बाजू में कोरोना के कुछ रोगियों के मिलने के बाद वह और उनका परिवार एहतियातन अपने फार्म हाउस चले गये थे।

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
संजीव श्रीवास्तव
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

मध्य प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें