loader

दीपिका की ‘छपाक’ पर मध्य प्रदेश में कांग्रेस-बीजेपी क्यों भिड़ीं?

जेएनयू हिंसा मामले में एक-दूसरे के ख़िलाफ़ हमले कर रही बीजेपी और कांग्रेस अब मध्य प्रदेश में दीपिका पादुकोण अभिनीत फ़िल्म ‘छपाक’ को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं। आरोप-प्रत्यारोप क्या लगा रही हैं, दोनों पार्टियाँ आपस में भिड़ गई हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने फ़िल्म को टैक्स फ़्री किया तो बीजेपी ने उसे 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' की विचारधारा वाला बता दिया। बता दें कि फ़िल्म शुक्रवार से रीलिज हो रही है। एसिड अटैक सर्वाइवर्स महिलाओं और लड़कियों की दर्दभरी ज़िंदगी पर आधारित फ़िल्म को लेकर कमलनाथ सरकार और अपोजिशन में बैठी बीजेपी एक-दूसरे पर ‘अटैक’ कर रहे हैं।

बुधवार के पूर्व तक ‘छपाक’ को लेकर सबकुछ ‘ठीकठाक’ था। फ़िल्म के प्रमोशन में जुटीं दीपिका के बुधवार को जेएनयू चले जाने के बाद से बीजेपी और उससे जुड़े अनुषांगिक संगठनों की भौंहें  दीपिका और 10 जनवरी को रिलीज होने जा रही उनकी चर्चित फ़िल्म ‘छपाक’ को लेकर तनी हुई हैं।

ताज़ा ख़बरें

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने दीपिका के जेएनयू जाने को लेकर छिड़े विवाद को गुरुवार को ‘नई हवा’ दे दी। बीजेपी इससे भड़क गई। दरअसल, मध्य प्रदेश की सरकार ने ‘छपाक’ को टैक्स फ्री घोषित कर दिया। कमलनाथ सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए बीजेपी ने कहा है, ‘मध्य प्रदेश सरकार ने फ़िल्म को टैक्स फ्री करने का फ़ैसला राजनीतिक कारणों से लिया है। बीजेपी का कहना था कि टैक्स का पैसा तेज़ाब पीड़ित महिलाओं और लड़कियों पर ख़र्च किया जाता तो बेहतर होता। खाली खजाना कहने वालों को फ़िल्म टैक्स फ्री करने से क्या फ़ायदा होगा।’

उधर, मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने फ़िल्म को टैक्स फ्री करने पर सवाल उठाते हुए कहा है, ‘कमलनाथ सरकार के निर्णय से साफ़ होता है कि मध्य प्रदेश सरकार और दीपिका पादुकोण की विचारधारा एक ही है, देश को टुकड़े-टुकड़े करने वाली।’ गोपाल भार्गव ने इससे पहले दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने पर सवाल उठाते हुए कहा था, ‘हीरो-हीरोइन का काम मुंबई में डांस करना है, इससे इतर उन्हें कुछ नहीं करना चाहिए।’

यहाँ बता दें कि दीपिका पादुकोण बुधवार को जब जेएनयू पहुँची थीं तो उन्हें जमकर ट्रोल किया गया था। बीजेपी और उसके अनुषांगिक संगठनों के अलावा आरएसएस से जुड़े लोग भी दीपिका की आलोचना करते नज़र आये थे। सोशल मीडिया पर इस मसले पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था। जिस तेज़ी से दीपिका के जेएनयू जाने की आलोचना हुई थी, उतनी ही गति से उनके क़दम को सराहा भी गया था। समाज का एक बड़ा तबक़ा दीपिका के साथ खड़ा नज़र आया।

'एसिड फेंकने वाली प्रवृत्ति के लोग कर रहे हैं विरोध'

फ़िल्म को टैक्स फ्री किये जाने के बाद छिड़े नये विवाद में छिंदवाड़ा से कांग्रेस के सांसद और मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ भी मैदान में उतर आए। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा फ़िल्म को टैक्स फ्री किये जाने का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए एक ट्वीट कर उन्होंने कहा, ‘जो लोग फ़िल्म छपाक को टैक्स फ्री करने का विरोध कर रहे हैं वे महिला विरोधी और महिलाओं पर एसिड फेंकने वाली प्रवृत्ति के हैं।’

मध्य प्रदेश से और ख़बरें

मुख्यमंत्री ने की फ़िल्म की सराहना

मध्य प्रदेश में फ़िल्म को टैक्स फ्री करने संबंधी जानकारी मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक ट्वीट में दी। उन्होंने मेघना गुलज़ार द्वारा निर्देशित फ़िल्म की तारीफ़ करते हुए कहा, ‘यह फ़िल्म समाज में एसिड पीड़ित महिलाओं को लेकर एक सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ उस पीड़ा के साथ आत्मविश्वास, संघर्ष, उम्मीद और जीने के जज्बे की कहानी पर आधारित है। ऐसे मामलों में समाज की सोच में बदलाव लाने के संदेश पर आधारित है।’

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
संजीव श्रीवास्तव
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

मध्य प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें