loader

धोखेबाज़ कभी नहीं जीतते: आदित्य ठाकरे

शिवसेना के बाग़ी नेताओं को राहत देने वाला आज सुप्रीम का फ़ैसला आने के बाद उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ने फिर से बागियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शिंदे खेमे वाले बागी नहीं, बल्कि ट्रेटर्स यानी राजद्रोही बुलाए जाने चाहिए। आदित्य ने कहा कि 'धोखा देने वाले... कभी नहीं जीतते हैं। हमें पूरा भरोसा है कि हमें बहुत प्यार मिल रहा है।'

महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ने बाग़ी नेताओं को फिर से चुनौती दी और कहा कि उनमें हिम्मत है तो वे आमने-सामने आएँ और बताएँ कि उन्हें क्या ग़लत लगता है। बता दें कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार और पार्टी के वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे खेमे के विद्रोह का सामना कर रही है। गठबंधन सरकार में शिवसेना के 55 विधायक हैं जिनमें से कथित तौर पर 40 विधायकों ने बगावत की है।

ताज़ा ख़बरें

आदित्य का यह बयान तब आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने आज ही शिवसेना के बागियों को राहत दी है। शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे की याचिका पर डिप्टी स्पीकर और उद्धव ठाकरे की टीम को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी। इसके साथ ही अदालत ने बागियों को डिप्टी स्पीकर द्वारा जारी अयोग्यता नोटिस पर जवाब देने के लिए 11 जुलाई तक की राहत दी है। यानी और उन्हें अब इसका जवाब 12 जुलाई तक देना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल, मुख्य सचेतक सुनील प्रभु, विधायक दल के नेता अनिल चौधरी और केंद्र को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट एकनाथ शिंदे की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। पिछले हफ्ते शिंदे और 15 अन्य बागी विधायकों को जारी किए गए अयोग्यता नोटिस को उन्होंने चुनौती दी थी। 

आदित्य ठाकरे ने टीम ठाकरे के वफादार संजय राउत को कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय से सम्मन मिलने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 'यह राजनीति नहीं है, यह अब एक सर्कस बन गया है।' 

शिंदे खेमे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के साथ शिवसेना के गठबंधन को 'बेमेल' करार दिया है। बीजेपी शासित असम के गुवाहाटी में डेरा डाले हुए शिंदे खेमा चाहता है कि पार्टी एक साझा हिंदुत्व विचारधारा पर बीजेपी के साथ अपना गठबंधन बहाल करे।

ठाकरे खेमे ने विचारधारा के दावे को खारिज कर दिया और कहा कि बगावत की पटकथा बीजेपी और केंद्र में उसकी सरकार ने लिखी है।

आदित्य ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की। लेकिन उन्होंने कहा, 'दूसरी बात, फ्लोर टेस्ट तब होगा जब वे (बागी) मेरे सामने बैठें, मेरी आंखों में देखें और कहें कि हमने क्या गलत किया।'

महाराष्ट्र से और ख़बरें

उन्होंने कहा, 'जो लोग यहां से भाग गए और खुद को बागी बता रहे हैं, अगर वे बगावत करना चाहते हैं तो उन्हें यहां करना चाहिए था। उन्हें इस्तीफा देकर चुनाव लड़ना चाहिए था।' एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, गुवाहाटी में शिंदे खेमे में मंत्री उदय सामंत के शामिल होने के बारे में विशेष रूप से पूछे जाने पर ठाकरे ने कहा, 'यह उनका निर्णय है, लेकिन वह किसी दिन हमारे सामने आएंगे। उन्हें हमारी आंखों में आँखें डाल देखना होगा।'

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

महाराष्ट्र से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें