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महाराष्ट्र : चारों तरफ लाशें, बीच में कोरोना रोगी का इलाज! 

मुंबई के एक अस्पताल में लाशों के बीच कोरोना वायरस से संक्रमित एक रोगी का इलाज होता रहा। यह भयावह दृष्य सायन के एक अस्पताल का है। यह अस्पताल बृहन्मुंबई नगर निगम चलाता है। 
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि मुंबई के सायन अस्पताल में एक रोगी बिस्तर पर लेटा हुआ है, उसके बगल के बिस्तर पर ही एक लाश पड़ी हुई है। इस वीडियो में यह भी दिखता है कि ऐसी एक लाश ही वहां नहीं है। उस वार्ड में ऐसी सात लाशें हैं, जो बॉडी बैग में लिपटी पड़ी हैं। 
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बीजेपी विधायक ने किया पर्दाफ़ाश

राज्य के बीजेपी विधायक नीतेश राणे ने ट्वीट कर यह वीडियो पोस्ट किया। उसमें उन्होंने लिखा, 'सायन के अस्पताल में लाशों के बगल में ही रोगी सो रहे हैं। यह तो अति हो गई। यह किस तरह का प्रशासन है। बहुत बहुत शर्मनाक!'

क्या कहना है कांग्रेस का?

कांग्रेस के नेता मिलिंद देवड़ा ने इस पर ट्वीट किया, 'सायन अस्पताल में रोगी के बगल में लाशें देखना बहुत ही बुरा है। बीएमसी कोरोना से मृत लोगों की लाशों को हटाने से जुड़े नियम क़ानूनों का पालन क्यों नहीं करता?'

अस्पताल की सफ़ाई

सायन अस्पताल के डीन प्रमोद इंगले ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसका कारण भी बताया है। उन्होंने कहा, 

'कोरोना से मरने वाले रोगियों के परिजन लाश नहीं ले जाना चाहते। इस कारण ही वे लाशें वहाँ पड़ी हुई हैं। हमने अब लाशें हटा दी हैं और मामले की जाँच कर रहे हैं।'


प्रमोद इंगले, डीन, सायन अस्पताल

लेकिन लाशें मुर्दाघर में भी रखी जा सकती हैं। इस पर इंगले ने कहा, अस्पताल के मुर्दाघर में 15 जगहें हैं, इनमें से 11 भर चुकी हैं। यदि हम ये लाथें मुर्दाघर भेज दें तो दूसरे रोगों से मरे लोगों की लाशें रखने में दिक्क़त होगी। 

उन्होंने यह भी कहा कि बॉडीबैग में लाश रख देने से उससे संक्रमण की संभावना कम हो जाती है।  

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के कुल पॉजिटिव मरीज़ों की संख्या बढ़कर 15525 हो गई है और राज्य में कोरोना से अब तक 617 लोगों की मौत हुई है।
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