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संजय निरुपम पर क्या कांग्रेस करेगी कार्रवाई, निष्कासित होंगे?

कांग्रेस महाराष्ट्र में अपने एक वरिठ नेता संजय निरुपम के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकती है। रिपोर्ट है कि कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने संजय निरुपम को निष्कासित करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रस्ताव दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान को भेजा जाएगा और पार्टी की अनुशासन समिति अंतिम फैसला लेगी। उनके ख़िलाफ़ यह कार्रवाई की तैयारी इसलिए है क्योंकि लोकसभा चुनाव के लिए सीट बँटवारे को लेकर इंडिया की सहयोगी पार्टी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के खिलाफ संजय निरुपम की हालिया टिप्पणी से पार्टी में असहज स्थिति पैदा हो गई थी।

एक रिपोर्ट के अनुसार यह निर्णय राज्य कांग्रेस समिति की एक बैठक में लिया गया। ईकाई ने चुनाव से पहले निरुपम को पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से हटाने पर जोर देने का भी निर्णय लिया है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने कहा, 'हमने उन्हें स्टार प्रचारक के तौर पर हटा दिया है और उनके बयानों को लेकर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।' इस पर संजय निरुपम ने एक्स पर कांग्रेस से कहा कि वह उन पर अपनी ऊर्जा और स्टेशनरी बर्बाद न करें क्योंकि वह खुद इस मुद्दे पर कल निर्णय लेंगे।

संजय निरुपम महाराष्ट्र में लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करने के बाद से ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी पर निशाना साध रहे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता निरुपम मुंबई उत्तर पश्चिम से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) ने इस सीट से अमोल कीर्तिकर को अपना उम्मीदवार घोषित किया। यह सीट वर्तमान में शिवसेना के गजानन कीर्तिकर के पास है। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में निरुपम को हराया था। 

गजानन कीर्तिकर ने अब कहा है कि वह अपने बेटे के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगे। समझा जाता है कि भाजपा एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ सीट साझा करने के समझौते के तहत वहां अपना उम्मीदवार उतारना चाहती है। शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधने की कोशिश में निरुपम लगातार सीट न देने के लिए कांग्रेस की आलोचना कर रहे हैं।

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पिछले हफ्ते निरुपम ने कहा था कि जो लोग सीट बंटवारे के फॉर्मूले पर सहमत हैं, वे मुंबई में कांग्रेस को दफनाने की तैयारी कर रहे हैं। निरुपम ने कहा था कि वह निर्वाचन क्षेत्र में दोस्ताना लड़ाई के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस को मुंबई में सीटों के लिए उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले संगठन द्वारा खुद को कमजोर नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि शिवसेना (यूबीटी) कांग्रेस के समर्थन के बिना कोई भी सीट जीतने की स्थिति में नहीं है।

निरुपम ने कहा था, 'कांग्रेस को शिवसेना (यूबीटी) के खतरे में नहीं आना चाहिए क्योंकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी कांग्रेस के समर्थन के बिना कोई भी सीट जीतने में सक्षम नहीं है।'

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निरुपम ने यह भी आरोप लगाया कि शिवसेना के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर ने कोविड के दौरान प्रवासी मजदूरों के लिए मुफ्त भोजन पहल के दौरान रिश्वत ली, जिसे खिचड़ी घोटाला भी कहा जाता है।

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद उनकी पार्टी में विभाजन पर कटाक्ष करते हुए निरुपम ने उद्धव ठाकरे पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा था कि वह 'बच्ची-खुची शिवसेना के प्रमुख' हैं।
बता दें कि संजय निरुपम ने अपने अगले कदम के बारे में संकेत दिये हैं। पिछले हफ्ते उन्होंने कहा था कि वह अपने द्वारा उठाए गए मुद्दों पर आलाकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं और कहा कि 'मेरे लिए सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने आज भी कहा है कि वह गुरुवार को खुद ही फ़ैसला ले लेंगे।
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महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि निरुपम जैसे लोगों का पार्टी में हमेशा स्वागत है यदि वह तैयार हैं और उनके विचार भाजपा के साथ मेल खाते हैं। उन्होंने कहा है, 'संजय निरुपम के राजनीतिक कार्यकाल को देखें तो उन्होंने लोगों को कांग्रेस से जोड़ने के लिए काफी काम किया है। उत्तर भारत में उनकी अच्छी पहचान है। संजय निरुपम से अभी बातचीत नहीं हुई है, लेकिन अगर वह तैयार हैं और उनकी सोच साथ है तो भाजपा में उनके जैसे लोगों का हमेशा स्वागत है।'

एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी विचारक भेजे हैं। शिवसेना विधायक संजय शिरसाट ने एएनआई से कहा है कि अगर निरुपम निकट भविष्य में कांग्रेस छोड़ने का फैसला करते हैं तो उनका निश्चित रूप से स्वागत किया जाएगा।

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क़मर वहीद नक़वी
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