वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के मामले में आरोपी श्रीकांत पांगारकर ने महाराष्ट्र में जालना नगर निगम चुनाव एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत लिया है।
पांगारकर ने वार्ड नंबर 13 से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर उनके मुकाबले भाजपा और अन्य दलों के उम्मीदवार थे, हालांकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने यहां कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले पांगारकर ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए थे, लेकिन भारी विरोध के बाद शिंदे ने उन्हें पार्टी में शामिल करने की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था।
पीटीआई के अनुसार, पांगारकर 2001 से 2006 के बीच अविभाजित शिवसेना से जालना नगर परिषद के सदस्य रह चुके हैं। वर्ष 2011 में शिवसेना द्वारा टिकट न दिए जाने के बाद वे हिंदू जनजागृति समिति, एक हिंदुत्ववादी उग्र संगठन, से जुड़ गए थे।
वरिष्ठ पत्रकार और हिंदुत्व की मुखर आलोचक गौरी लंकेश की सितंबर 2017 में बेंगलुरु स्थित उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पांगारकर को बाद में कर्नाटक पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्हें इस केस में 4 सितंबर 2024 को कर्नाटक हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।
इसके अलावा, अगस्त 2018 में पांगारकर को महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से कच्चे बम और हथियारों की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार किया था। उस समय उनके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
उधर, शुक्रवार सुबह मतगणना शुरू होने के बाद सामने आए रुझानों के मुताबिक, महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में भाजपा और उसकी सहयोगी शिवसेना (महा-युति) ने बड़ी बढ़त बना ली है। 29 नगर निगमों के रुझानों में महायुति घटक दल 900 से अधिक सीटों पर आगे चल रहे हैं, जबकि महाविकास अघाड़ी (MVA) को मात्र 118 सीटों की बढ़त मिलती दिख रही है।