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किसी एक पक्ष के लिए नियम नहीं बनाए जा सकते: आदित्य

महाराष्ट्र में धार्मिक स्थानों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर उद्धव ठाकरे सरकार ने सोमवार को एक बेहद अहम बैठक बुलाई। 

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे की ओर से मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र का सियासी माहौल काफी गर्म है। 

ठाकरे सरकार ने इस मामले में सभी राजनीतिक दलों की राय जानने के लिए यह बैठक बुलाई थी। बैठक में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, बीजेपी नेता व पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मनसे के प्रमुख राज ठाकरे नहीं पहुंचे।   

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बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल और उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने की। बैठक में दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि अगर केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर कोई नियम लाउडस्पीकर के लिए बनाती है तो राज्यों में लाउडस्पीकर के मुद्दे पर कोई परेशानी नहीं होगी।

जबकि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि इस मामले में समाधान के लिए एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसी एक पक्ष के लिए नियम नहीं बनाए जा सकते हैं। इस दौरान हनुमान चालीसा विवाद और धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर लगाए जाने के मामले पर विस्तार से चर्चा हुई। 

उधर, देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में कहा है कि लाउडस्पीकर के मामले में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन किया जाना चाहिए।

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बीते दिनों में मनसे के कार्यकर्ताओं ने मुंबई में कई जगहों पर हनुमान चालीसा का पाठ किया है और इस मामले में एनसीपी प्रमुख शरद पवार सहित तमाम नेताओं के बयान भी आए हैं।

नवनीत, रवि राणा गिरफ्तार 

पिछले हफ्ते बीजेपी सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा के द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने को लेकर मुंबई के अंदर खासा विवाद हो चुका है। दोनों ही नेताओं को जेल में रखा गया है। रवि राणा ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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