छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को सरकार में शामिल कांग्रेस का भी समर्थन मिलने लगा था। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब परीक्षा होने में दो-तीन दिन ही बाक़ी रह गए थे तो इस समय पर परीक्षा रद्द करना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है।