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फ़ाइल फ़ोटो

अंबानी केस: विस्फोटक मामले में छापेमारी शुरू

देश के सबसे बड़े कारोबारी मुकेश अंबानी के घर के बाहर से विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो कार की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी यानी एनआईए ने शुरू कर दी है। दिल्ली से मंगलवार को एनआईए की एक टीम मुंबई पहुँच गयी थी। एनआईए सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर एनआईए ने बुधवार को मुंबई और ठाणे के कई इलाक़ों में दबिश दी और कुछ सबूत भी इकट्ठा किए हैं। एनआईए के अधिकारी उस इनोवा कार की जाँच के नतीजे के काफ़ी क़रीब पहुँच चुके हैं जो घटना के दिन स्कॉर्पियो के पीछे दो बार नज़र आई थी।

एनआईए अधिकारी पुलिस कमिश्नर से मिले

एनआईए की टीम सबसे पहले मुंबई के गांव देवी पुलिस स्टेशन पहुँची और वहाँ के डीसीपी राजीव जैन को लेकर मुंबई पुलिस के हेड क्वार्टर पहुँची। वहाँ पर एनआईए के अधिकारियों ने मुंबई पुलिस के कमिश्नर  परमवीर सिंह और क्राइम ब्रांच के मुखिया मिलिंद भारंबे से मुलाक़ात की। मुंबई क्राइम ब्रांच ने स्कॉर्पियो कार विस्फोटक मामले से जुड़े हुए सभी दस्तावेज एनआईए के अधिकारियों को सौंप दिए हैं अब इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर एनआईए ने अपनी जाँच शुरू कर दी है। 

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अंबानी के सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ

दरअसल, एनआईए की इस टीम को एक आईजी स्तर का अधिकारी नेतृत्व कर रहा है। मंगलवार की देर शाम एनआईए की एक टीम एंटीलिया पहुँची और वहाँ के सुरक्षाकर्मियों और सुरक्षा अधिकारी से पूछताछ की। एनआईए की इस टीम ने अंबानी के घर के बाहर लगे सीटीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि एनआईए जल्द इस घटना के सीन को रीक्रिएट कर सकती है।

एनआईए के सामने चुनौती

इस मामले में कुल तीन केस दर्ज हुए हैं और तीनों केस एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। पहला मामला स्कॉर्पियो कार से विस्फोटक मिलने का है। दूसरा केस स्कॉर्पियो की चोरी का है और तीसरा केस स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या का है। हालाँकि एनआईए सिर्फ़ स्कॉर्पियो कार में मिले विस्फोटक मामले की जाँच कर रही है। 

महाराष्ट्र एटीएस स्कॉर्पियो कार की चोरी और कार के मालिक मनसुख हिरेन की हत्या की जाँच कर रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि महाराष्ट्र एटीएस और एनआईए में इस केस को लेकर तनातनी हो सकती है।

फडणवीस का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में आरोप लगाया था कि मनसुख की हत्या में मुंबई क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट के हेड सचिन वाजे का हाथ हो सकता है। फडणवीस ने यह बयान मनसुख की पत्नी के बयान के आधार पर दिया था जो उन्होंने महाराष्ट्र एटीएस की एफ़आईआर में दर्ज कराया था। सत्य हिंदी डॉट कॉम के पास मनसुख की पत्नी की एफ़आईआर की वह कॉपी मौजूद है जो उन्होंने 7 मार्च को एटीएस में दर्ज करवाई थी। मनसुख की पत्नी ने इस एफ़आईआर में सीधा आरोप सचिन वाजे पर ही लगाया है कि उनके पति की हत्या सचिन वाजे ने ही की है। फडणवीस ने इसी बयान के आधार पर सचिन वाजे की गिरफ्तारी की मांग विधानसभा में उठाई थी।

nia probe begins in explosive material found near mukesh ambani house - Satya Hindi

फडणवीस की मांग का हुआ असर

सचिन वाजे पर देवेंद्र फडणवीस की कार्रवाई की मांग का असर बुधवार को उस समय हुआ जब महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने महाराष्ट्र विधान परिषद में कहा कि सचिन वजे का ट्रांसफर क्राइम ब्रांच से दूसरी जगह किया जाएगा। लेकिन विपक्ष अभी भी इसी मांग पर अड़ा हुआ है कि सचिन वाजे को इस मामले में संदिग्ध मानते हुए पहले उनको गिरफ़्तार किया जाए।

क्या है पूरा मामला?

25 फ़रवरी को मुकेश अंबानी के घर के पास स्कॉर्पियो कार लावारिस खड़ी मिली थी जिसकी बाद में जाँच की गई थी तो उस स्कॉर्पियो से 20 जिलेटिन की छड़ें बरामद की गई थीं। बाद में 5 मार्च को इस स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का शव बरामद हुआ था।

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सोमदत्त शर्मा
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