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सुशांत-रिया के बैंक खातों में आपस में पैसे का नहीं हुआ था लेन-देन: ऑडिट रिपोर्ट 

फ़िल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता के द्वारा उनकी एक्स गर्ल फ़्रेंड रिया चक्रवर्ती पर सुशांत के अकाउंट से 15 करोड़ रुपये ट्रांसफ़र करने के दावों के बीच एक बड़ी ख़बर सामने आई है। ख़बर यह है कि सुशांत और रिया के बैंक खातों में आपस में कोई फ़ंड ट्रांसफर नहीं हुआ था। 

इकनॉमिक टाइम्स (ईटी) के मुताबिक़, ग्रांट थॉर्नटन नाम की कंपनी ने हाल ही में मुंबई पुलिस को फ़ॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट सौंपी है। ग्रांट थॉर्नटन ने सुशांत के पिछले पांच साल के बैंक खातों की जांच की है। कंपनी ने साथ ही रिया, उसके घरवालों और सुशांत के बीच रजिस्टर्ड तीन कंपनियों के बैंक खातों का भी ऑडिट किया है। 

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सुशांत के पिता के.के.सिंह ने पटना में दर्ज कराई एफ़आईआर में रिया के ख़िलाफ़ सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने, आर्थिक ठगी करने और मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। रिया के पिता और भाई का नाम भी एफ़आईआर में है। 

मुंबई पुलिस के एक अफ़सर ने ईटी से कहा, ‘सुशांत और रिया के किसी भी खाते में किसी भी तरह के फ़ंड का कोई ट्रांसफ़र नहीं हुआ है। रिया के 2019 में सुशांत की जिंदगी में आने से पहले ही अभिनेता के अकाउंट में 15 करोड़ रुपये थे। यह कमाई उनके पिछले सालों की कमाई से बहुत ज़्यादा थी क्योंकि वह कुछ प्रोजेक्ट्स में शामिल थे। आय के साथ-साथ ऑडिट में यह भी पता चला है कि सुशांत ने पिछले पांच सालों में अपने स्टाफ़ के ऊपर दिल खोलकर खर्च किया था।’ 

मुंबई पुलिस ने इस रिपोर्ट को और इस मामले में जिन 56 लोगों से पूछताछ हुई है, उसे भी सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा है। सुशांत के पिता के एफ़आईआर में पैसों की हेरा-फेरी के आरोप के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में दख़ल देकर जांच शुरू कर दी थी। ईडी ने इस संबंध में सुशांत के पिता के भी बयान दर्ज किए थे। 

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‘पैसों में हेर-फेर के आरोप ग़लत’

कुछ दिन पहले रिया चक्रवर्ती से ईडी ने 8 घंटे तक पूछताछ की थी। रिया ने सुशांत के पैसों में हेर-फेर को लेकर उन पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। रिया के मुताबिक़, उसने कभी भी सुशांत के खाते से कोई रकम नहीं चुराई और जो कुछ भी ख़र्च किया, वो अपनी इनकम से किया।ईडी ने रिया के अलावा उनके भाई सौविक चक्रवर्ती और उनके पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। 

सीबीआई को सौंपी जांच

एक महीने तक चले घमासान के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। कोर्ट ने अपने फ़ैसले में यह भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार इस मामले की जांच में सहयोग करे। शीर्ष अदालत ने पटना में दर्ज एफ़आईआर को सही ठहराते हुए मुंबई पुलिस से मामले से जुड़े सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंपने को कहा है। 
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