शिवसेना यूबीटी और शिवसेना शिंदे गुट के बीच तेज़ होती बयानबाज़ी के बीच संजय राउत की पोस्ट से शनिवार को हंगामा मचा हुआ है। संजय राउत ने कम से कम दो बार शिंदे सेना के लिए अपशब्द कहे और अब वफादार कुत्ते का विवाद सामने आया है।
महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के बीच जारी खींचतान एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। शिवसेना (UBT) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक बेहद तीखा और परोक्ष (cryptic) पोस्ट शेयर किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब उद्धव गुट के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 के शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हैं, जिसे 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया जा रहा है।
शिंदे के 'शेर' वाले बयान पर राउत का 'कुत्ते' से पलटवार
शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट पर तंज कसा था। शिंदे ने कहा था, "कुत्ते झुंड में आकर भौंकते हैं, शेर अकेला आता है।" उन्होंने यह भी कहा कि चार साल पहले उन्होंने जो फैसला (बगावत) लिया था, जनता आज भी उसका समर्थन करती है।इसके ठीक एक दिन बाद, शनिवार को संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक इन्फोग्राफिक साझा करते हुए पलटवार किया। इस पोस्ट पर लिखा था- "कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं लेकिन वफादार नहीं होते।" राउत ने इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा, "जय महाराष्ट्र!"
6 सांसदों पर अयोग्यता की कार्रवाई
यह पूरी जुबानी जंग शिवसेना (UBT) में एक और संभावित टूट की खबरों के बीच हो रही है। हाल ही में नई दिल्ली में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई संसदीय दल की एक महत्वपूर्ण बैठक से पार्टी के 9 में से 6 लोकसभा सांसद गायब रहे। इसके बाद से ही इन सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की खबरें हैं। लेकिन औपचारिक ऐलान अभी बाकी है।
शिवसेना MLC चंद्रकांत रघुवंशी ने भी दावा किया है कि ये 6 सांसद शिंदे के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए उनके गुट में शामिल होने के लिए तैयार हैं।
इस पर संजय राउत ने साफ किया कि पार्टी ने अनुपस्थित रहने वाले इन छह सांसदों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राउत ने पत्रकारों से कहा, "हम उन्हें लोकसभा से अयोग्य ठहराने का हर संभव प्रयास करेंगे। अगर लोकसभा अध्यक्ष नियमों, कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं, तो इन लोगों को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।"
यह तो सिर्फ ट्रेलर है- शिंदे
इस बीच, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने विपक्ष को चेताते हुए संकेत दिया कि आने वाले दिनों में और भी नेता उनके साथ आ सकते हैं। उन्होंने कहा, "यह तो सिर्फ एक ट्रेलर है, पूरी फिल्म आना अभी बाकी है।"चोरों के हाथ में नहीं सौंपूंगा पार्टीः उद्धव ठाकरे
पार्टी में मचे इस घमासान के बीच उद्धव ठाकरे ने स्थापना दिवस के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से बेहद भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि अगर समर्थकों को उनके नेतृत्व पर भरोसा नहीं है, तो वह तुरंत पद छोड़ने को तैयार हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा, "अगर मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों पर आप सच में विश्वास करते हैं, तो मुझे बताएं, मैं अभी इस पद से हटने के लिए तैयार हूं। मेरी बस एक ही शर्त है, सोने जैसी कीमती यह शिवसेना (UBT) किसी चोर या लुटेरे के हाथ में नहीं सौंपी जानी चाहिए।"इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उन मतदाताओं से माफी भी मांगी जिन्होंने उन सांसदों को चुनकर भेजा था जो अब बगावत की राह पर हैं। उन्होंने दावा किया कि इस नए राजनीतिक संकट के बावजूद शिवसैनिकों का हौसला कम नहीं हुआ है।
महाराष्ट्र में आगामी चुनावों से ठीक पहले इस नए घटनाक्रम ने शिवसेना (UBT) के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं और राज्य की राजनीति का पारा पूरी तरह से चढ़ा दिया है।