मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर दुख जताया और कहा कि दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दी जाएगी। सरकार ने पीड़िता के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और आरोपी प्रोफेसर की गिरफ्तारी की घोषणा की है। हालांकि, बीजेडी ने इसे नाकाफी बताया और कहा कि केवल मुआवजा और गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय तथ्य-खोज समिति का गठन किया है।
इस घटना ने ओडिशा में महिलाओं की सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों में यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर कार्रवाई की कमी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बीजेडी और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों ने सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। बालासोर में बंद के दौरान रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं, क्योंकि कार्यकर्ताओं ने कई जगहों पर रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन किया।
बीजेडी ने घोषणा की है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन को और तेज करेंगे। कांग्रेस के नेतृत्व में 17 जुलाई को प्रस्तावित ओडिशा बंद से तनाव और बढ़ने की आशंका है। इस बीच, पुलिस ने भुवनेश्वर में लोक सेवा भवन और विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है।