ओडिशा के बालासोर जिले में कथित गोरक्षकों द्वारा मकंदर मोहम्मद नामक व्यक्ति को पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर 3 आरोपियों को हिरासत में लिया है।
ओडिशा के बालासोर जिले में 35 साल के एक व्यक्ति को कथित रूप से गौ रक्षकों ने पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने इस घटना में शामिल होने के आरोप में 3 लोगों को हिरासत में ले लिया है और जांच जारी है। मृतक की पहचान मकंदर मोहम्मद के रूप में हुई है, जो एक पिकअप वैन में हेल्पर के तौर पर काम करते थे।
बालासोर शहर के बाहरी इलाके साहदा चक के पास एक पिकअप वैन में गायें लदी हुई थीं। आरोप है कि कुछ लोगों ने बुधवार सुबह करीब 5 बजे वैन को रोक लिया और गाड़ी में गायें होने के संदेह में ड्राइवर और हेल्पर पर हमला कर दिया। हमलावरों ने प्लास्टिक की पाइप, चाकू और अन्य हथियारों से दोनों को बुरी तरह पीटा। ड्राइवर घायल होने के बावजूद बच गया, लेकिन हेल्पर मकंदर मोहम्मद को इतनी गंभीर चोटें आईं कि बालासोर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिखता है कि हमलावर मकंदर को धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर कर रहे थे। वे माफी मांगते रहे लेकिन भीड़ ने हमला जारी रहा।
शुरुआती FIR में पीड़ितों पर ही आरोप
पहले पुलिस ने वैन के ड्राइवर और मालिक के खिलाफ ही केस दर्ज किया। इसमें पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, ओडिशा गौ वध निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत आरोप लगाए गए। शुरुआती FIR में कहा गया कि वैन तेज रफ्तार में थी, संतुलन बिगड़ने से पलट गई। एफ़आईआर में दावा किया गया है कि जब तक शिकायतकर्ता मौके पर पहुंचा, तब तक वैन के ड्राइवर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा चुका था और मौके पर एक गाय मिली। एफ़आईआर में लिखा है, 'गाय को ज़ब्त कर लिया गया और मां भारती गौशाला लाया गया। पिकअप गाड़ी को पुलिस स्टेशन लाया गया और शिकायतकर्ता ने पिकअप वैन के मालिक व ड्राइवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए लिखित रिपोर्ट दी...'।दूसरी एफ़आईआर में हत्या का केस
बाद में मृतक के भाई की शिकायत पर दूसरी एफ़आईआर दर्ज की गई। इसमें 5 लोगों पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने वैन रोकी, हथियारों से हमला किया और मकंदर की हत्या कर दी। इस एफ़आईआर में बीएनएस की धारा 103(2) लगाई गई है, जो भीड़ द्वारा की गई हत्या के लिए सजा का प्रावधान करती है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
बालासोर पुलिस का कहना है कि एफआईआर में नामजद 3 आरोपियों को रात में कई छापेमारी के बाद हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच से पता लगाया जा रहा है कि क्या इसमें और लोग शामिल थे। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार उप-विभागीय पुलिस अधिकारी शुभ्रांशु शेखर नायक ने कहा कि अभी तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, बाकी की तलाश जारी है।'बांग्लादेशी घुसपैठिये' के शक में हुई थी लिंचिंग
पिछले महीने ही ओडिशा में पश्चिम बंगाल के एक मज़दूर जुएल शेख को पीट-पीटकर मार डाला गया था। जुएल के साथी मजदूरों और परिवार का आरोप है कि उन्हें अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिया समझकर मारा गया। लेकिन ओडिशा पुलिस ने इस बात से इनकार किया था और कहा कि जुएल और आरोपी एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जुएल शेख बंगाल में मुर्शिदाबाद के चकबहादुरपुर गांव के रहने वाले थे। जुएल ओडिशा के संबलपुर ज़िले में कंस्ट्रक्शन का काम करते थे। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार उनके साथी मजदूर पल्टू शेख ने बताया था, 'हम चाय की दुकान पर थे। कुछ लोग आए और जुएल से बीड़ी मांगी। फिर उन्होंने आधार कार्ड दिखाने को कहा और पूछा कि हम कहां से हैं। हमने आधार कार्ड दिखा दिए। अचानक उन्होंने बांस की लाठियों से हमला कर दिया। जुएल के सिर पर जोर से मारा। कुछ दूसरे घायल हुए।' हालाँकि, जुएल की मां नगीमा बीबी ने फोन पर अंग्रेज़ी अख़बार को बताया कि उसके साथियों ने बताया है कि गुंडों ने उन्हें बांग्लादेशी कहकर बुरी तरह पीटा, मुझे अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए।