लॉकडाउन ख़त्म होगा या नहीं, इसे लेकर चर्चा का दौर जारी है। ऐसे में केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ सोच-समझकर ही कोई फ़ैसला लेना होगा।
मोदी के नौ मिनट के आह्वान को वास्तव में उनकी भावना के प्रथम चरण का प्रकटीकरण ही माना जाना था। दूसरे चरण की भावना सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी के 40वें स्थापना दिवस पर वीडियो बातचीत में प्रकट हुई, जिसके ज़रिए उन्होंने देश भर को संदेश दे दिया कि यह लड़ाई लम्बी चलने वाली है।
प्रधानमंत्री ने भी घरों में बैठे-बैठे चिंतन करने के लिए हमें बहुत कुछ दे दिया है। क्या पता घरों के भीतर ही बंद रहना इतना अच्छा लगने लगे कि लोग बाहर निकलने से ही इनकार करने लगें। इस और भी बड़ी समस्या का तब क्या इलाज होगा?