पानी की बोतलें लूटते लोग।
रेलवे मजदूरों की वापसी तो करवा रही है लेकिन रेल यात्रियों को खाने और पानी के लिए तरसना पड़ रहा है और इस वजह से लूटमार की घटनाएं हो रही हैं। यदि हालात यही रहे तो मान लीजिए कि देश में अराजकता के फैलने की घंटियां बजने लगी हैं और हमारे हवाई अड्डों पर भी शीघ्र ही इसी तरह की लूटपाट के दृश्य दिखने लगेंगे।
महाराष्ट्र से चलने वाली रेलें, जिन्हें 30 घंटे में बिहार पहुंचना था, वे 48 घंटों में पहुंची हैं। रेल मंत्रालय को शाबासी कि उसने अब तक 40-45 लाख लोगों की घर-वापसी करवा दी लेकिन रेल-यात्रियों को खाने और पानी के लिए जिस तरह तरसना पड़ा है, उसे देखकर आंखों में आंसू आ जाते हैं।