मोदी और पोप की इस भेंट से जो लोग नाराज हुए हैं, उनकी शिकायत है कि मोदी-राज में ईसाइयों और मुसलमानों पर काफी जुल्म हो रहे हैं लेकिन बीजेपी इस भेंट का इस्तेमाल उन जुल्मों पर पर्दा डालने के लिए करेगी। वह गोवा और मणिपुर के चुनावों में ईसाई वोटों को भी इस भेंट के बहाने पटाने की कोशिश करेगी।
अप्रैल 2005 में जब पिछले पोप का निधन हुआ तो भारत के उप-राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत स्वयं वेटिकन गए थे। उस समय यह प्रश्न भारत और फ्रांस दोनों जगह उठा था कि यदि आपका राष्ट्र धर्म-निरपेक्ष है तो कैथोलिक धर्म गुरु की अंत्येष्टि में आपका प्रतिनिधि शामिल क्यों हो?