यह मामला तूल पकड़ सकता है। एमनेस्टी इंटरनैशनल समेत तमाम अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाएं भारत सरकार के एफसीआरए नियमों पर आपत्ति जता चुकी हैं। इन्हीं नियमों की वजह से गरीबों, बच्चों और महिलाओं के लिए काम करने वाले कई एनजीओ भारत में अपना दफ्तर तक बंद कर चुके हैं।