बिहार में कांग्रेस दफ्तर पर हमले और तोड़फोड़ के बाद बवाल हो गया है। हमले का आरोप बीजेपी नेताओं कार्यकर्ताओं पर लगा है। तो क्या राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' से बैकफुट पर आई बीजेपी ने अब नया मुद्दा खड़ा करने की कोशिश की है? एक दिन पहले कथित तौर पर पीएम मोदी को गाली देने को मुद्दा बनाया। पूरी पार्टी और सभी बड़े नेता इस पर टूट पड़े और राहुल गांधी से माफी की मांग करने लगे। शुक्रवार को उन्होंने मार्च भी निकाला और इसी मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालय पर हमले ने राज्य में चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल मचा दी है। 

इस घटनाक्रम के पीछे बीजेपी की रणनीति क्या है और कांग्रेस इससे कैसे मुक़ाबला कर रही है, यह समझने से पहले यह जान लें कि आख़िर बिहार की राजनीति में शुक्रवार का घटनाक्रम कैसे चला। कांग्रेस ने बीजेपी पर अपने प्रदेश कार्यालय 'सदाकत आश्रम' पर हमला करने, कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने और कार्यालय में तोड़फोड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस का दावा है कि यह हमला राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' की बड़ी सफलता से बौखलाई बीजेपी की सुनियोजित साजिश है। 

कैसे चला घटनाक्रम

शुक्रवार सुबह पटना के कुर्जी अस्पताल से बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार के मंत्री और अन्य नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय 'सदाकत आश्रम' की ओर विरोध मार्च निकाला। यह मार्च दरभंगा के सिमरी विठौली में 'वोटर अधिकार यात्रा' के मंच से पीएम मोदी और उनकी माता हीराबेन मोदी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों के विरोध में था। 

हालाँकि, प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेकाबू हो गई। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सदाकत आश्रम के गेट को तोड़कर कार्यालय में जबरन घुसपैठ की, वहां खड़े एक ट्रक और तीन कारों के शीशे तोड़ दिए और कार्यकर्ताओं पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया। कांग्रेस ने दावा किया कि इस हमले में सेवादल के कार्यालय मंत्री विपिन झा और पूर्व जिला अध्यक्ष परवेज अहमद का सिर फट गया, जबकि अन्य कार्यकर्ता जैसे विपिन और दिनेश शंकर दास को भी गंभीर चोटें आईं। कांग्रेस ने कहा,
वोटर अधिकार यात्रा से बीजेपी और नरेंद्र मोदी बौखला गए हैं। इसी बौखलाहट में आज बिहार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय- सदाकत आश्रम पर बीजेपी ने अपने विधायकों के साथ गुंडे भेजकर हमला कराया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई, कार्यालय में तोड़फोड़ की गई।
कांग्रेस का ट्वीट
पार्टी ने आगे कहा, 'नरेंद्र मोदी और बीजेपी याद रखे, इस कायरतापूर्ण हमले से हम डरने वाले नहीं हैं। आपकी वोट चोरी को और मजबूती से उजागर करेंगे। जनता के अधिकारों के लिए लड़ेंगे। संविधान को खत्म करने की आपकी साजिश कभी कामयाब नहीं होगी। हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे। 

इस घटना के बाद राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'सत्य और अहिंसा के आगे असत्य और हिंसा टिक ही नहीं सकते। मारो और तोड़ो, जितना मारना-तोड़ना है - हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे। सत्यमेव जयते।'

कैबिनेट मंत्री पर आरोप

केसी वेणुगोपाल ने कहा, 'हमारी वोटर अधिकार यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता और उनके ख़िलाफ़ बढ़ते जनसमर्थन से बौखलाकर, भाजपा ने एक बार फिर हमें डराने-धमकाने के लिए अपने गुंडों को आगे किया है। पटना स्थित हमारे बिहार प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम पर एक मौजूदा कैबिनेट मंत्री और अन्य भाजपा नेताओं के नेतृत्व में किया गया हमला एक कायरतापूर्ण कृत्य है और यह हमें SIR के नाम पर चल रही व्यापक वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करने से नहीं रोकेगा।'

कांग्रेस ने कहा है, "बिहार में गुंडाराज अब बेकाबू हो चुका है। बीजेपी के दंगाइयों ने सदाकत आश्रम पर सुनियोजित हमला किया, कार्यकर्ताओं के सिर फोड़ दिए, गाली-गलौज की, और कार्यालय में तोड़फोड़ की। यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ, जो मूकदर्शक बनी रही।"

ध्यान भटकाने के लिए उछाला मुद्दा?

कांग्रेस आरोप लगा रही है कि इस यात्रा की सफलता से बौखलाकर बीजेपी ने ध्यान भटकाने की कोशिश की है। जयराम रमेश ने कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री, दुर्भावनापूर्ण तरीके से बदनाम करने और ध्यान भटकाने की कला में माहिर माने जाते हैं। बिहार में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा को मिल रहे जबरदस्त जनसमर्थन से घबराए, असहज और बौखलाए गृह मंत्री अब श्री राहुल गांधी और अन्य नेताओं के बारे में झूठ फैलाने में लगे हुए हैं।'

'वोटर अधिकार यात्रा' 

राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यह वोटर अधिकार यात्रा 1 सितंबर को पटना में एक बड़ी रैली के साथ ख़त्म होगी। यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई। यह 20 जिलों से होकर गुज़र रही है और 1300 किलोमीटर का सफर तय करेगी। इस यात्रा में राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में हेरफेर और वोट चोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की मतदाता सूची से 65 लाख नाम, खासकर गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के, हटा दिए गए हैं। राहुल ने इसे लोकतंत्र और संविधान पर हमला करार देते हुए 'वोट चोर गद्दी छोड़' और 'हमें रोजगार चाहिए' के नारे दिए। बिहार में जनता का जबरदस्त समर्थन हासिल कर रही है।

दरभंगा में यात्रा के दौरान मंच से कथित तौर पर पीएम मोदी और उनकी माता के खिलाफ अपशब्द कहे गए और इसका वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी ने इसे मुद्दा बना लिया।

बीजेपी ने इस घटना के लिए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि दोनों नेता उस समय मंच पर मौजूद नहीं थे। आरोपी मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा को दरभंगा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

बीजेपी बना रही है पीएम पर अपशब्द का मुद्दा

बीजेपी गुरुवार से ही पीएम मोदी को अपशब्द कहने को मुद्दा बना रही है। पूरी पार्टी और हर नेता इस मुद्दे पर कांग्रेस, राहुल और तेजस्वी पर हमला कर रहे हैं। बीजेपी तो लगातार राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग कर रही है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस को 'गाली वाली पार्टी' करार देते हुए कहा, 'कांग्रेस की दुकान अब बंद होगी और इसकी शुरुआत बिहार से होगी।' बिहार सरकार के मंत्री नितिन नबीन ने कहा, 'कांग्रेस ने माँ का अपमान किया है। एक-एक बिहारी और बीजेपी कार्यकर्ता इसका जवाब देगा।'

बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की 'वोटर अधिकार यात्रा' ने बिहार के लोगों का अपमान किया है। पार्टी ने दावा किया कि इस यात्रा के मंच से न केवल पीएम मोदी, बल्कि उनकी स्वर्गीय माता के खिलाफ भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। बीजेपी ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
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कांग्रेस की प्रतिक्रिया 

कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी इस यात्रा के प्रभाव को कम करने और जनता का ध्यान भटकाने के लिए पीएम मोदी को अपशब्द कहने का मुद्दा उठा रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी यात्रा संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए है, और वे बीजेपी की 'वोट चोरी' की साजिश को कामयाब नहीं होने देंगे।

कांग्रेस ने पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए और मांग की कि हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आएँगे, यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।