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ग़लत शपथ पत्र के लिए मोदी पर कार्रवाई करे चुनाव आयोग: कांग्रेस

प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी शपथ पत्र में संपत्ति का ब्यौरा कथित रूप से छुपाने के मामले को कांग्रेस ने मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस ने चुनावी शपथ पत्र में संपत्ति का ब्यौरा छुपाने और ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव आयोग से कार्रवाई की माँग की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शपथ पत्र में झूठ बोला गया और फ्रॉड किया गया। अब लोकसभा चुनावों के बीच उजागर हुए इस मुद्दे से बीजेपी को तगड़ा झटका लग सकता है।

कांग्रेस ने यह आरोप इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिक दायर किये जाने के बाद लगाया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2007 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान शपथ पत्र में ज़मीन के जिस प्लॉट का ज़िक्र किया था उसको बाद के चुनावी शपथ पत्रों में छुपाया है।

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याचिका दाख़िल होने के एक दिन बाद मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी ने 2007 में शपथ पत्र में गाँधीनगर के सेक्टर-1 में प्लॉट नंबर 411 की घोषणा की थी और जिसका आकार 326.22 स्क्वायर मीटर बताया था। तब 1.30 लाख रुपये जमा कराये गये थे। शपथ पत्र में यह भी बताया गया था कि 30363 रुपये ख़र्च कर वहाँ बाउंड्रीवाल जैसी कुछ चीजें बनवायीं। अब बाजार में इस प्लॉट की क़ीमत 1.18 करोड़ रुपये है। 

प्लॉटों में हेरफेर का आरोप

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि 2012 के चुनाव में मोदी के शपथ पत्र में प्लॉट नंबर 411 का ज़िक्र नहीं था और उसकी जगह पर प्लॉट नंबर-401 ए का ज़िक्र किया गया। इसमें मोदी को इस प्लॉट के एक चौथाई हिस्से का मालिक बताया गया और इसका भी आकार वही 326.22 स्क्वायर मीटर बताया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 2014 के लोकसभा के शपथ पत्र में भी प्लॉट नंबर 411 का ज़िक्र नहीं किया गया और 401ए के एक चौथाई हिस्से का मालिक बताया गया। पवन खेड़ा ने ज़मीन रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि 401ए नाम का प्लॉट कोई अस्तित्व में ही नहीं है। कांग्रेस के अनुसार, प्लॉट नंबर 401 अरुण जेटली के नाम पर है।

कांग्रेस ने कहा कि हाल के शपथ पत्र में मोदी कहते हैं कि प्लॉट नंबर 401ए के एक चौथाई मालिक हैं, लेकिन ज़मीन रिकॉर्ड के अनुसार तो मोदी प्लॉट नंबर 411 के अकेले मालिक हैं। पवन खेड़ा ने सवाल किया कि ऐसे में मोदी क्यों बोलते हैं कि वह एक चौथाई हिस्से के मालिक हैं, वह भी एक ऐसे प्लॉट का जो अस्तित्व में ही नहीं है? कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शपथ पत्र में प्लॉट का नंबर बदल गया, इसका मतलब साफ़ है कि शपथ पत्र में झूठ बोला और फ्रॉड किया गया।

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जेटली पर भी आरोप

कांग्रेस ने अरुण जेटली पर भी आरोप लगाये। कांग्रेस के अनुसार, जेटली ने भी अपने हाल के चुनावी शपथ पत्र में प्लॉट नंबर 401ए के एक चौथाई हिस्से का मालिक और इसकी बाजार क़ीमत 1.19 करोड़ रुपये बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि इससे पहले जेटली ने 2006 में प्लॉट नंबर 401 का अकेला मालिक बताया था, लेकिन अब 401ए के एक चौथाई हिस्से का मालिक बताते हैं।

कांग्रेस ने कहा कि  जनप्रतिनिधित्व क़ानून की धारा 125ए के तहत झूठा शपथ पत्र या ग़लत जानकारी देने पर छह माह की सजा या जुर्माना या फिर दोनों लगाया जा सकता है। कांग्रेस ने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग से माँग और उम्मीद करती है कि वह जन प्रतिनिधित्व क़ानून की धारा 125ए के तहत उचित कार्रवाई करे।

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ज़मीन आवंटन का विवाद?

पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि जब 2012 में जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही थी तो गुजरात सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता मीनाक्षी लेखी ने यह बयान दर्ज कराया था कि 2000 के बाद ज़मीन का ऐसा कोई आवंटन नहीं किया गया है और मामले की जाँच की जा रही है। पवन खेड़ा ने यहाँ आरोप लगाया है कि ऐसे में मोदी को ज़मीन का आवंटन 2002 में कैसे किया गया।

बता दें कि ज़मीन आवंटन की यह योजना तब विवादों में रही थी और 2000 में गुजरात हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इसकी जाँच के आदेश दिए थे। 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को जल्द निपटाने के लिए हाई कोर्ट को निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस योजना में कोई भी ज़मीन आवंटित नहीं की जाएगी और जिनके नाम से पहले प्लॉट आवंटित हो गये हैं वे इसको किसी अन्य को हाई कोर्ट की अनुमति के बिना ट्रांसफ़र भी नहीं कर सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के इसी आदेश को पारित करने के दौरान कोर्ट की डी.के. जैन और एम.बी. लोकुर की बेंच के सामने तब गुजरात सरकार की अधिवक्ता मीनाक्षी लेखी ने यह बयान दर्ज कराया था कि 2000 के बाद ज़मीन का ऐसा कोई आवंटन नहीं किया गया है और मामले की जाँच की जा रही है।

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