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जितिन प्रसाद ने बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को किया ख़ारिज़

क्या कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जितिन प्रसाद कांग्रेस को झटका देने की तैयारी में हैं? पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक हलकों में यह अटकल काफ़ी तेज़ है कि वह कांग्रेस में ख़ुश नहीं हैं और अपना राजनीतिक करियर बचाने के लिए बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। शुक्रवार को यह ख़बर आयी कि देर शाम तक वह औपचारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। ख़बर यह भी है कि बीजेपी उनको धौरहरा से अपना लोकसभा उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। हालाँकि, जितिन प्रसाद ने इन अटकलों को ख़ारिज़ कर दिया। शाम को बीजेपी में उनके शामिल होने के पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि शाम तो हो गयी मैं आपके सामने खड़ा हूँ, यह सवाल काल्पनिक है और मैं काल्पनिक सवालों का जवाब नहीं देता हूँ।

इस बारे में सवाल पूछे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी जितिन प्रसाद के बीजेपी में शामिल होने की ख़बरों को ख़ारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि इस ख़बर में कोई दम नहीं है। इसी बीच कई ऐसी भी रिपोर्टें आयीं कि राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने जितिन से बात की है। इससे पहले जितिन प्रसाद के बारे में ऐसी ख़बरें थीं कि पार्टी के आलाकमान से कई मुद्दों पर नाराज़ चल रहे हैं। 
रिपोर्टें हैं कि प्रियंका गाँधी चाहती हैं कि जितिन प्रसाद लखनऊ से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ें। माना जाता है कि जितिन प्रसाद पार्टी के इस सलाह से ख़ुश नहीं हैं।

इस बारे में ‘सत्य हिंदी’ ने जब दोपहर में जितिन प्रसाद से बातचीत करने की कोशिश की थी तो उनका फ़ोन बंद आ रहा था। उनके क़रीबी लोगों का कहना था कि सुबह से ही उनका फ़ोन नहीं लग पा रहा था और न ही उनसे बातचीत हो पा रही थी। इस बारे में बीजेपी भी अपना मुँह खोलने को तैयार नहीं है और न ही कांग्रेस की तरफ़ से इस बारे में कोई पुष्टि हो पायी है। ‘सत्य हिंदी’ ने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर से बात करने की कोशिश की, लेकिन वहाँ भी कामयाबी नहीं मिली। 

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कांग्रेस के साथ रहा है क़रीबी रिश्ता

जितिन प्रसाद खानदानी कांग्रेसी हैं। उनके पिता मरहूम जितेन्द्र प्रसाद कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी और पी.वी.नरसिम्हा राव के राजनीतिक सलाहकार रहे थे। वह उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष (1995) तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रह चुके थे।

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सबसे पहले जितिन प्रसाद 2001 में भारतीय युवा कांग्रेस में सचिव बने थे। उन्होंने 2004 में अपने गृह लोकसभा सीट, शाहजहाँपुर से 14वीं लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की। पहली बार जितिन प्रसाद को 2008 में केन्द्रीय राज्य इस्पात मंत्री नियुक्त किया गया। उसके बाद 2009 में वह 15वीं लोकसभा चुनाव लोकसभा धौरहरा से लड़े और जीते भी। वह 2009 से लेकर 2014 तक यूपीए सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में केन्द्रीय राज्यमंत्री रहे। जितिन प्रसाद शाहजहाँपुर ,लखीमपुर तथा सीतापुर में काफी लोकप्रिय हैं। वह राहुल गाँधी की युवा ब्रिगेड के नामचीन चेहरे रहे हैं। 

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