मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को लेकर ऐसा क्या कह दिया कि हंगामा खड़ा हो गया? विवाद के बाद खड़गे ने सफाई में कहा कि एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है और विपक्ष को डराया जा रहा है। बीजेपी ने तीखा पलटवार किया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान पर मंगलवार को विवाद हो गया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को 'टेररिस्ट' कह दिया तो बीजेपी उनपर टूट पड़ी। विवाद के बाद खड़गे ने सफ़ाई में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्षी पार्टियों और आम लोगों को टेरराइज यानी डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। खड़गे ने कहा कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को निशाना बना रही है।
खड़गे ने यह बयान चेन्नई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया, जहां खड़गे कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल के साथ मौजूद थे। यह तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के प्रचार के दौरान था।
खड़गे का विवादास्पद बयान
खड़गे ने शुरू में प्रधानमंत्री मोदी को 'टेररिस्ट' कहा जब वे AIADMK की भाजपा के साथ गठबंधन की आलोचना कर रहे थे। बाद में उन्होंने साफ़ किया कि उन्होंने शाब्दिक अर्थ में 'टेररिस्ट' नहीं कहा। खड़गे ने कहा, 'वे लोगों और राजनीतिक पार्टियों को आतंकित (terrorising) कर रहे हैं। मैंने कभी यह नहीं कहा कि वे शाब्दिक रूप से आतंकवादी हैं।' उन्होंने जोड़ा कि मोदी सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबा रही है। खड़गे के बड़े आरोप
- CBI, ED और इनकम टैक्स विभाग को विपक्षी नेताओं को डराने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
- चुनाव आयोग अब भाजपा का एक्सटेंशन ऑफिस बन गया है।
- 18 अप्रैल को राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्ष की आलोचना की, जो चुनाव के आखिरी चरण में मॉडल कोड का उल्लंघन है।
- सरकार 2023 में पास हुए महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने में देरी कर रही है। खड़गे ने कहा कि अगर सरकार सच्ची है तो मौजूदा 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण लागू कर सकती है। देरी क्यों?
- नए डिलिमिटेशन से दक्षिण भारत और जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है।
खड़गे ने मोदी पर 'झूठ बोलने' का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'मोदी जी कहते हैं कि उनका 56 इंच का सीना है, लेकिन वे झूठे हैं। वे मनुस्मृति और चातुर्वर्ण्य में विश्वास करते हैं। वे महिलाओं और गरीबों के खिलाफ हैं। उन्होंने 12 साल में देश के लोगों के लिए कुछ नहीं किया।'
बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया
खड़गे के बयान पर बीजेपी ने तुरंत पलटवार किया। बीजेपी नेता संबित पात्रा ने इसे 'निंदनीय' बताया और कहा कि यह कांग्रेस की मानसिकता को दिखाता है। संबित पात्रा ने कहा, 'यह सिर्फ जुबान फिसलना नहीं है। यह राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है। राहुल गांधी रोज प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द बोलते हैं और आज खड़गे ने उन्हें टेररिस्ट कहा।' बीजेपी ने कहा कि जब भी कांग्रेस प्रधानमंत्री का अपमान करती है, तो जनता कांग्रेस को सबक सिखाती है। इस बार भी जनता जवाब देगी।
कांग्रेस का बचाव
के.सी. वेणुगोपाल ने खड़गे का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भाजपा 'गैर-मुद्दे को मुद्दा' बनाने की कोशिश कर रही है। वेणुगोपाल ने कहा, "खड़गे ने स्पष्ट कर दिया कि वे मोदी को टेररिस्ट नहीं कह रहे। वे कह रहे हैं कि ED-CBI का इस्तेमाल कर लोग डराए जा रहे हैं। भाजपा सिर्फ उस क्लिप को दिखा रही है। खड़गे ने बाद में फिर स्पष्ट किया, 'मोदी हमेशा धमकाते हैं। ED, I-T और CBI उनके हाथ में हैं। इसलिए मैंने कहा कि वे टेरराइज कर रहे हैं'।"
तमिलनाडु चुनाव पर फोकस
खड़गे ने डीएमके-कांग्रेस गठबंधन की ताक़त पर जोर दिया। उन्होंने राहुल गांधी और एम.के. स्टालिन के बीच अच्छे संबंध बताए। गठबंधन के वादों में शामिल हैं- महिलाओं और बुजुर्गों को हर महीने आर्थिक मदद, खाद्य सुरक्षा बढ़ाना और 300 दिनों में सभी सरकारी पद भरना। खड़गे ने तमिलनाडु की जनता से अपील की कि वे डीएमके- कांग्रेस गठबंधन को वोट दें, जो राज्य के अधिकारों की रक्षा करता है, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और समावेशी विकास में विश्वास रखता है।
यह विवाद तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के आखिरी दिनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ा गया है। खड़गे का बयान और उसकी सफाई दोनों तरफ से सुर्खियों में है।