loader

राष्ट्रपति चुनाव: क्यों हुई क्रॉस वोटिंग, कार्रवाई करेगी कांग्रेस

राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। इन विधायकों ने एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने वालीं द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया। इसे लेकर कांग्रेस आलाकमान गंभीर है और वह ऐसे विधायकों पर कार्रवाई करने जा रहा है। 

ख़बरों के मुताबिक़, संसद के दोनों सदनों के 17 विपक्षी सांसदों और देश भर में 126 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया है। विधायकों में बड़ी संख्या कांग्रेस के नेताओं की है। 

असम में क्रॉस वोटिंग 

असम में विपक्ष के 22 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। असम प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा है कि यह निश्चित है कि कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है और इसे छुपाया नहीं जा सकता। जबकि राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि कांग्रेस के 15 से 16 विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोटिंग की।

ताज़ा ख़बरें
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोरा ने कहा कि ऐसे विधायकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। असम में कांग्रेस के 27 विधायक हैं। 
बता दें कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में कोई भी राजनीतिक दल व्हिप जारी नहीं कर सकता। ऐसे में किस विधायक और सांसद ने क्रॉस वोटिंग की इसका पता लगा पाना बेहद मुश्किल होता है।

गुजरात में क्रॉस वोटिंग 

गुजरात कांग्रेस की ओर से भी क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। गुजरात में कम से कम पार्टी के 7 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है। गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व क्रॉस वोटिंग को लेकर बेहद गंभीर है और इसकी जांच की जा रही है। गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं और उससे ठीक पहले क्रॉस वोटिंग ने पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। गुजरात में कई विधायक कांग्रेस का साथ छोड़ चुके हैं। 

Presidential election 2022 cross voting in Congress  - Satya Hindi

मध्य प्रदेश में क्रॉस वोटिंग 

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 17 विधायकों के द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने की सूचना है। पार्टी इसका पता लगाने में जुट गई है कि दगा करने वाले यह विधायक कौन हैं। इसी तरह उत्तराखंड में कांग्रेस के एक विधायक के द्वारा द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोटिंग की गई। इस बारे में प्रदेश कांग्रेस की ओर से पार्टी हाईकमान को जानकारी दी गई है और पार्टी हाईकमान ने नेता प्रतिपक्ष के माध्यम से इसकी जांच कराने के लिए कहा है। 

छत्तीसगढ़ में 6 विपक्षी विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है लेकिन इनमें से कांग्रेस के कितने विधायक हैं, इसका पता नहीं चल सका है। 

राजनीति से और खबरें

कांग्रेस और विपक्षी दलों में हुई क्रॉस वोटिंग का नतीजा यह हुआ कि इससे द्रौपदी मुर्मू की जीत का अंतर बढ़ गया। जैसे बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल ने दावा किया है कि आरजेडी के 8 विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में वोटिंग की।

हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के खिलाफ तमाम राज्यों में जांच और उसके बाद कार्रवाई की बात कही है लेकिन फिर भी यह बड़ा सवाल है कि आखिर विधायकों ने क्रॉस वोटिंग क्यों की। देखना होगा कि दोषी पाए जाने के बाद पार्टी इस मामले में क्या कार्रवाई करेगी।

सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें