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ईडी भी समझ गयी कि कांग्रेस नेता को डराया नहीं जा सकता: राहुल

प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी से पाँच दिनों की पूछताछ को लेकर राहुल गांधी ने बुधवार को कहा है कि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय से फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब तो ईडी के अफ़सरों को भी समझ आ गया है कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं को डराया नहीं जा सकता है। ईडी ने हाल ही में नेशनल हेराल्ड मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर उनसे पांच दिनों तक पूछताछ की है।

राहुल गांधी बुधवार को एआईसीसी मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'ईडी और ऐसी एजेंसियों से मुझे फर्क नहीं पड़ता, यहाँ तक कि मुझसे पूछताछ करने वाले अधिकारियों को भी यह बात समझ आ गई कि कांग्रेस पार्टी के नेता को डराया नहीं जा सकता, दबाया नहीं जा सकता है, धमकाया नहीं जा सकता है।'

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व सांसद राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी ने पूछताछ की है। 

बता दें कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सांसद राहुल गांधी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। बीजेपी के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि सोनिया और राहुल गांधी ने केवल 50 लाख रुपये का भुगतान कर यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ज़रिए कांग्रेस के स्वामित्व वाले एसोसिएट जरनल लिमिटेड यानी एजेएल का 90.25 करोड़ का कर्ज अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया। इसके बाद एजेएल के 90 फ़ीसदी शेयर भी यंग इंडिया के नाम ट्रांसफर हो गए। 

एजेएल की बड़ी संपत्ति भी है। अब आरोप इस बात को लेकर है कि यंग इंडिया कम्पनी एजेएल की प्रॉपर्टी को हड़पना चाहती है। सुब्रह्मण्यम स्वामी का केस हाईकोर्ट में लम्बित है लेकिन ईडी की पूछताछ यंग इंडिया में पैसे के लेनदेन को लेकर की जा रही है।

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ईडी की पूछताछ के दौरान उनका समर्थन देने के लिए राहुल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान 'मैं अकेले नहीं था और मेरे साथ पूरी कांग्रेस, करोड़ों कार्यकर्ता थे'। उन्होंने कहा कि वे उनके साथ 'लोकतंत्र के लिए लड़ रहे थे'।

मंगलवार को राहुल गांधी को पांचवीं बार पूछताछ के दूसरे दौर के लिए बुलाया गया था। ईडी ने राहुल से मंगलवार को दिल्ली में 10 घंटे से ज़्यादा समय तक पूछताछ की।

एक दिन पहले यानी सोमवार को भी इसने क़रीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी। ईडी ने उन्हें मंगलवार को पाँचवीं बार पूछताछ के लिए बुलाया था। अब तक उनसे क़रीब 50 घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है।

राहुल से ईडी ने पिछले सप्ताह सोमवार से बुधवार तक क़रीब 30 घंटे पूछताछ की थी। 

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राहुल ने सशस्त्र बलों में अल्पकालिक भर्ती के लिए केंद्र की नई अग्निपथ योजना की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'हमें सेना को मज़बूत करना चाहिए, लेकिन यह सरकार इसे कमजोर कर रही है; युद्ध के दौरान इसके परिणाम होंगे।'

इससे पहले दिन में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि पार्टी के नेतृत्व को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने एएनआई से कहा, 'सत्ता में बैठे लोग असंतुष्टों को निशाना बना रहे हैं। यह स्पष्ट रूप से राजनीति से प्रेरित कदम है। यह सिर्फ सोनिया गांधी या राहुल गांधी के बारे में नहीं है, बल्कि पूरे विपक्ष के बारे में है। कांग्रेस नेतृत्व को निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे भाजपा के ख़िलाफ़ मुखर रहे हैं।'

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