loader

राहुल ने पूछा- मोदी जी के रहते भारत माता की पवित्र ज़मीन को चीन ने कैसे छीन लिया?

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने चीन मुद्दे पर अब फिर से सीधे प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है। उन्होंने पूछा है कि ऐसा क्या हुआ कि मोदी जी के रहते भारत माता की पवित्र ज़मीन को चीन ने छीन लिया? उन्होंने यह सवाल तब किया है जब दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने की ख़बरें हैं, फिर भी इन मामलों के जानकार कह रहे हैं कि चीन अभी भी भारत की ज़मीन पर क़ब्ज़ा जमाए बैठा है। चीन द्वारा लद्दाख क्षेत्र में पीछे हटने की ख़बरों के बीच ही जानकार आशंका जता रहे हैं कि चीन यह दिखावा कर रहा है और उसका मक़सद भारतीय ज़मीन को छोड़ना नहीं है। 

ऐसी ही एक ख़बर को शेयर करते हुए राहुल गाँधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया। 

राहुल ने ट्वीट में यह सवाल जिस ख़बर को शेयर करते हुए पूछा है उसमें पूर्व में सेना में रहे और रणनीतिक मामलों के जानकार कर्नल अजय शुक्ला ने दावा किया है कि मोदी सरकार ने लद्दाख में चीनी सेना के पीछे हटने के बारे में सही जानकारी नहीं दी है। शनिवार को 'द वायर' को दिए एक इंटरव्यू में कर्नल अजय शुक्ला कहते हैं: 'चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में और गोगरा हाइट्स पर पीछे हटने से इनकार कर दिया है... क़रीब 1,500 सैनिक दोनों ओर से टकराव की स्थिति में हैं।'

रिपोर्ट के अनुसार अजय शुक्ला का कहना है कि वह हॉट स्प्रिंग्स और गोगरा में अपने दावे के प्रति बहुत आश्वस्त हैं। उनका कहना है कि कई स्रोतों ने उन्हें यह जानकारी दी है और वे दूसरों से बात करने और यह पता लगाने के लिए सेना के स्रोतों से आगे निकलकर जानकारी जुटाई है। इसे वह पूरी तरह सच बताते हैं।

ताज़ा ख़बरें

राहुल गाँधी चीन के मंसूबे और भारत चीन सीमा पर वास्तविक स्थिति के बारे में देश को जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते रहे हैं। 15 जून को जब सीमा पर चीन के साथ झड़प हुई थी और 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे तब से ही सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि भारत को चीन से इसका बदला लेना चाहिए। 

उस झड़प के बाद से ही राहुल गाँधी कहते रहे हैं कि चीन ने हमारी ज़मीन पर क़ब्ज़ा किया है और चीन को अपनी ज़मीन सो पीछे धकेलना चाहिए। 

इससे पहले शनिवार को भी राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा था कि ‘वह चीन के मुद्दे पर अभी भी झूठ बोल रहे हैं और देश को धोखा दे रहे हैं।’ उन्होंने इसके आगे कहा था,  ‘हमें अपने स्टैंड पर अडिग रहना होगा, राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारी सीमाएँ कमज़ोर न हों।’ 

राजनीति से और ख़बरें
बता दें कि राहुल गाँधी बीते कुछ महीनों से ज़्यादा ही मुखर हो गए हैं। वे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही निशाने पर लेते हैं और उन्हें ही कटघरे में खड़ा कर देते हैं। वे ट्वीट करते हैं और ऐसे सवाल उछालते हैं, जिनका जवाब देना सरकार या बीजेपी के लिए मुश्किल होता है। सरकार इन सवालों का जवाब तो नहीं देती है, अलबत्ता पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी और गाँधी परिवार पर हमला ज़रूर कर देती है। 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजनीति से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें