इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में यूथ कांग्रेस के एक प्रोटेस्ट ने एक और विवाद खड़ा कर दिया है। पहले दिन पानी की किल्लत, सामान चोरी जैसी अव्यवस्था और फिर गलगोटिया विवाद के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बड़ा ड्रामा किया। उन्होंने भारत मंडपम में शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए। यूथ कांग्रेस ने कहा है कि यह ग़ुस्सा बेरोजगार युवा का है और हर युवा जानता है कि हमारा प्रधानमंत्री कम्प्रोमाइज्ड है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील से हमारे किसान और लोग नुकसान में हैं। इस प्रोटेस्ट को लेकर पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया है। इस प्रदर्शन पर बीजेपी बौखला गई और इसने इसे देश को बदनाम करने वाला क़दम बताया है। तो क्या सच में ऐसा है या फिर एआई समिट में पहले दिन पानी की किल्लत, सामान चोरी जैसी अव्यवस्था और फिर गलगोटिया विवाद की शर्मिंदगी से बचने का कोई पैंतरा है?

इस सवाल का जवाब पाने से पहले यह जान लें कि शुक्रवार को पूरी घटना क्या घटी। रिपोर्टों के अनुसार क़रीब 10 लोग यूथ कांग्रेस के सदस्य बताकर वहाँ पहुंचे थे। उन्होंने क्यूआर कोड वाले पास से वेन्यू में एंट्री ली और अचानक प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने 'PM is compromised' जैसे नारे लगाए। पुलिस ने 4 से 5 लोगों को तुरंत हिरासत में लिया और उन्हें तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया। पुलिस ने कहा है कि सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और प्रदर्शन से जुड़े लोगों के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज की जाएगी।
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यह घटना समिट के आखिरी दिनों में हुई, जहाँ देश-विदेश के बड़े AI एक्सपर्ट्स, सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन जैसे सीईओ मौजूद थे। पूरे भारत मंडपम में सुरक्षा चुस्त-दुरुस्त थी, लेकिन फिर भी यह प्रदर्शन हो गया।

यह गु़स्सा बेरोजगार हर युवा का: यूथ कांग्रेस

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन का बचाव किया। उन्होंने कहा, "आज यूथ कांग्रेस के सदस्य AI समिट पर गए और 'PM is compromised' के नारे लगाए। यह गुस्सा सिर्फ हमारा नहीं है, बल्कि हर बेरोजगार युवा का है। हर युवा जानता है कि हमारा प्रधानमंत्री कम्प्रोमाइज्ड है। अमेरिका के साथ ट्रेड डील से हमारे किसान और लोग नुकसान में हैं, सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा। बेरोजगारी और महंगाई से हर युवा परेशान है। लोकतंत्र में हम कहीं भी शांतिपूर्ण विरोध कर सकते हैं। यह हर युवा की आवाज उठाने का हमारा फर्ज है।"
यूथ कांग्रेस ने कहा कि यह विरोध भारत-अमेरिका ट्रेड डील, बेरोजगारी और महंगाई के ख़िलाफ़ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की पॉलिसी से देश को नुक़सान हो रहा है।

भारत को शर्मिंदा कर दिया: बीजेपी

यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन के ख़िलाफ़ बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा, 'जब भारत ग्लोबल एआई समिट की मेजबानी कर रहा है और अपनी टेक्नोलॉजी लीडरशिप दिखा रहा है, तब कांग्रेस ने गरिमा की बजाय डिसरप्शन चुना। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टॉपलेस होकर वेन्यू पर हंगामा किया। यह भारत को दुनिया के सामने शर्मिंदा करने की साजिश है।' उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हक है, लेकिन देश की इमेज खराब करना नहीं।

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, 'कांग्रेस एंटी-इंडिया पार्टी है। राहुल गांधी के निर्देश पर उन्होंने आपत्तिजनक नारे लगाए। ऐसे काम सिर्फ एंटी-नेशनल लोग कर सकते हैं।' शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये मोदी विरोध में अंधे हो गए हैं, ये देश विरोधी काम है। राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रही है।

राहुल के कहने पर साज़िश रची गई: पात्रा

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि आज कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के कहने पर जो किया है, उसको लेकर हिंदुस्तान के युवाओं में, खासकर जेन ज़ी में आक्रोश है। उन्होंने कहा, "दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट चल रहा है, जिसमें यूथ कांग्रेस के 4 लोग गिरफ्तार हुए हैं। इन कार्यकर्ताओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया, उल्टी टी-शर्ट पहनकर अंदर प्रवेश किया और अंदर जाकर टॉपलेस होकर प्रदर्शन किया। यह साजिश राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में, राहुल गांधी के निवास स्थान पर रची गई थी। यह प्रयोग है, संयोग नहीं। यह भारत के विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा भारत की छवि को धूमिल करने का प्रयास है।"

सामान चोरी, गलगोटिया मामले से बदनामी नहीं हुई?

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट पहले दिन से विवादों में है। शुरुआती दिनों में कई मुद्दों से काफी विवाद हुआ, जिससे भारत की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हुई। यह समिट भारत को AI में वैश्विक लीडर के रूप में पेश करने के लिए था, लेकिन संगठनात्मक खामियों और एक बड़े फर्जीवाड़े से देश का नाम खराब हुआ।

अव्यवस्था और कुप्रबंधन

  • पहले दिन लंबी कतारें, भीड़भाड़, खराब साइनेज, सीमित सीटिंग और एंट्री प्रक्रिया में भ्रम। कई डेलीगेट्स और पत्रकारों को घंटों बाहर खड़े रहना पड़ा, वीआईपी को प्राथमिकता देने से आम लोगों में नाराजगी।
  • पीएम मोदी के आने से पहले प्रदर्शनी हॉल में अचानक क्लियरेंस और सिक्योरिटी स्वीप के कारण डिवाइस और सामान वापस लेने में परेशानी। कुछ रिपोर्टों में सामान चोरी की शिकायतें आईं।
  • रजिस्ट्रेशन सिस्टम क्रैश होना, नेटवर्क फेलियर और डिजिटल क्यूआर कोड व फिजिकल पास में कन्फ्यूजन।
  • आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले दिन की समस्याओं के लिए सार्वजनिक माफी मांगी और बेहतर अनुभव का वादा किया। कांग्रेस और राहुल गांधी ने इसे 'अव्यवस्थित पीआर तमाशा' कहा।
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गलगोटिया विश्वविद्यालय का बड़ा विवाद

  • गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग को अपने सेंटर ऑफ़ एक्सेलेंस द्वारा विकसित इन-हाउस इनोवेशन बताया।
  • प्रोफेसर नेहा सिंह ने डीडी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में इसे अपनी यूनिवर्सिटी की उपलब्धि कहा, जो वीडियो वायरल हो गया।
  • बाद में खुलासा हुआ कि यह चीन की कंपनी यूनिट्री का कमर्शियल प्रोडक्ट यूनिट्री Go2 मॉडल है, जो बाजार में 2-3 लाख रुपये में उपलब्ध है—कोई भारतीय इनोवेशन नहीं।
  • इस फर्जी क्लेम से भारी बैकलैश हुआ, यूनिवर्सिटी को तुरंत स्टॉल खाली करने का आदेश मिला।
  • पावर कट कर दी गई, लाइट्स ऑफ, स्टॉल सील— सरकार ने कार्रवाई की।
  • बाद में यूनिवर्सिटी ने माफी मांगी कि प्रतिनिधि को जानकारी नहीं थी और उत्साह में गलत बयान दिया।
  • अगले दिन एक और विवाद: उन्होंने 'ड्रोन सॉकर एरिना' को भी अपना इनोवेशन बताया, लेकिन वह भी कोरिया से इंपोर्टेड निकला।
  • यह घटना विदेशी मीडिया में छपी, भारत की एआई इनोवेशन क्षमता पर सवाल उठे। कई ने कहा कि मेड इन चीन को मेड इन इंडिया बताने से देश की शर्मिंदगी हुई।

बिल गेट्स का मुद्दा

  • बिल गेट्स के की-नोट स्पीच रद्द होने पर कन्फ्यूजन हुआ। कुछ रिपोर्टों में एपस्टीन कनेक्शन से लिंक किया गया। हालाँकि उनका भाषण रदद् होने का मुख्य कारण अलग बताया गया।
समिट को शर्मिंदगी वाला बताया गया क्योंकि यह भारत की एआई महत्वाकांक्षा को दिखाने वाला इवेंट था लेकिन फेलियर और फेक क्लेम्स से भरपूर रहा।

कुल मिलाकर, समिट में पहले से कई विवाद चल रहे थे, लेकिन यह शर्टलेस प्रोटेस्ट अब चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर लोग बीजेपी के लोग यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को 'राष्ट्रीय शर्म' बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे युवाओं की आवाज मान रहे हैं। नये विवाद के बीच कई लोग तो एआई समिट में हुई पहले की घटनाओं को 'देश को शर्मिंदा करने वाला' बता रहे हैं।