loader

राजस्थान संकट: गहलोत समर्थक 92 विधायकों ने दिया इस्तीफ़ा!

मुख्यमंत्री पद को लेकर राजस्थान कांग्रेस में बवाल हो गया है। टीम गहलोत के कई विधायकों ने रविवार रात को स्पीकर सीपी जोशी से मुलाकात की है। बताया गया है कि वहां पर इन विधायकों ने अपना इस्तीफ़ा स्पीकर जोशी को सौंप दिया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार ऐसा करने वाले गहलोत समर्थक 92 विधायक हैं।

माना जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व सचिन पायलट को सीएम पद पर बिठाने के पक्ष में है। लेकिन जैसी अटकलें लगाई जा रही थीं, राजस्थान में मुख्यमंत्री की कुर्सी की राह सचिन पायलट के लिए आसान नहीं है। भले ही वह कांग्रेस आलाकमान की पसंद माने जा रहे हैं, लेकिन अशोक गहलोत टीम ने भी अपना दावा नहीं छोड़ा है।

इधर, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अजय माकन और सचिन पायलट रविवार को विधायक दल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर भी गए। राज्य के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और शांति धारीवाल सीएम अशोक गहलोत के आवास पर अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की।

अजय माकन ने एएनआई से देर रात को कहा, 'हम फिलहाल दिल्ली नहीं जा रहे हैं, हमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान कांग्रेस के विधायकों के साथ आमने-सामने बातचीत करने का निर्देश दिया है।'

ताज़ा ख़बरें
एक रिपोर्ट के अनुसार विधायक दल की रविवार शाम होने वाली बैठक से पहले टीम अशोक गहलोत के विधायकों ने बैठक की। उस बैठक में जो फ़ैसला लिया गया उससे गतिरोध बनने के आसार हैं। एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि टीम गहलोत के 56 विधायकों ने सर्वसम्मति से फ़ैसला किया है कि मुख्यमंत्री उन 102 विधायकों में से एक होना चाहिए जिन्होंने पायलट और उनके 18 वफादारों द्वारा 2020 में विद्रोह के दौरान सरकार का समर्थन किया था। रिपोर्ट के अनुसार 16 मंत्रियों सहित गहलोत के वफादारों ने रविवार शाम शांति धारीवाल के घर पर मुलाकात की।
राजस्थान से और खबरें
इन हंगामों की वजह से 7 बजे शाम में तय राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल की बैठक नहीं हो पाई। शाम को होने वाली इस बैठक से पहले ही सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच शक्ति प्रदर्शन शुरू हो गया। गहलोत समर्थक शांति धारीवाल ने अलग से विधायकों की बैठक बुलाई तो सचिन पायलट के समर्थक विधायकों ने भी अलग बैठक की। गहलोत समर्थक दाएं-बाएं से बयान देकर सीएम की कुर्सी बचाने की आखिरी कोशिश कर रहे हैं। दोनों तरफ से बयानबाजी हो रही है। 
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
क़मर वहीद नक़वी
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

राजस्थान से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें