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कांग्रेस का राजस्थान सरकार को अस्थिर करने का आरोप, गहलोत-पायलट को पुलिस का नोटिस

क्या एक बार फिर राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार को गिराने की साज़िश रची जा रही है। शुक्रवार रात को सत्तारूढ़ कांग्रेस के 24 विधायकों ने विपक्षी दल बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह राज्य सरकार को अस्थिर करने की साज़िश रच रही है।  

कांग्रेस विधायकों ने कहा है कि उनके पास इस बात की पुख़्ता सूचना है कि बीजेपी के शीर्ष नेता गहलोत सरकार को गिराने की साज़िश में शामिल हैं और विधायकों को लालच देकर उन्हें गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि पिछले महीने हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान भी बीजेपी ने ऐसी कोशिश की थी लेकिन वह सफल नहीं हो सकी थी। 

राजस्थान पुलिस ने इस मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को नोटिस जारी किया है और कहा है कि वे सरकार गिराने के संबंध में अपने बयान दर्ज करवाएं। 

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इससे पहले राजस्थान की विधानसभा में कांग्रेस के चीफ़ व्हिप महेश जोशी ने शनिवार को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख को शिकायत दी है और कहा है कि बीजेपी महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और गुजरात की तरह राजस्थान में भी विधायकों की ख़रीद-फरोख़्त करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी कांग्रेस द्वारा कराई जा रही जांच के कारण डरी हुई है। जोशी ने शिकायत में लिखा है कि गहलोत सरकार को समर्थन दे रहे कांग्रेस के और निर्दलीय विधायकों को बीजेपी पैसे का लालच देने की कोशिश कर रही है। 

इस मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप एसओजी और राजस्थान पुलिस ने शनिवार को एफ़आईआर भी दर्ज की है। एसओजी द्वारा यह एफ़आईआर दो नेताओं के बीच बातचीत के आधार पर दर्ज की गई है। 

बीजेपी नेताओं को उठाया

एसओजी ने इस मामले में बीजेपी के दो नेताओं को पूछताछ के लिए उठा लिया है। इनके नाम अशोक सिंह मेटावाला और भारत मलानी हैं। अशोक को उदयपुर से जबकि भारत को ब्यावर से उठाया है। 

 

एसओजी ने जो एफ़आईआर दर्ज की है, उसमें लिखा है कि इन दोनों की बातचीत के दौरान यह कहा जा रहा है कि गहलोत सरकार को गिराकर और दूसरी सरकार बनाकर कथित रूप से 1000 से 2000 करोड़ रुपये कमाए जा सकते हैं। 

बातचीत के दौरान यह भी कहा जा रहा है कि बीजेपी अपनी पसंद के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है लेकिन वह ख़ुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। एफ़आईआर में कहा गया है कि गहलोत सरकार को गिराने की ये सारी तैयारियां राज्यसभा चुनाव से पहले की गई थीं। 

एफ़आईआर में कहा गया है कि बातचीत के दौरान कुशलगढ़ के विधायक रमिला खड़िया और बागीडोरा के विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय का भी नाम लिया गया। 

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पलटवार किया है और कहा है कि कांग्रेस कोरोना संकट से निपटने में असफल हुई है और इससे ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है।
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इसे लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘हम लोग तो जीवन और आजीविका बचाने में लगे हुए हैं, मेरे मंत्रिमंडल के साथियों, विधायकों, कांग्रेस के नेताओं को सरकार बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। हम लोगों का ध्यान कोरोना संकट से निपटने को लेकर है और ये लोग सरकार किस तरह गिरे, खरीद-फरोख़्त हो, इस काम में लगे हुए हैं।’

'कांग्रेस विधायकों को करोड़ों का ऑफ़र' 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पिछले महीने कहा था कि उनकी सरकार को गिराने के लिए बीजेपी की ओर से कांग्रेस विधायकों को करोड़ों-अरबों रुपये का ऑफ़र दिया जा रहा है। गहलोत ने कहा था कि सरकार गिराने का जो खेल मध्य प्रदेश में खेला गया, वही राजस्थान में भी खेला जा रहा है। 

राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटें हैं। कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं। इन 107 में से 6 विधायक बीएसपी के भी हैं, ये सभी विधायक पाला बदल कर पिछले साल कांग्रेस में शामिल हुए थे। कांग्रेस के पास 12 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है। बीजेपी के पास 72 विधायक हैं और उसे छोटी पार्टियों और निर्दलीय मिलाकर 6 विधायकों का समर्थन हासिल है। 

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