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प्रियंका का माया पर तंज, बोलीं- ‘बीजेपी के अघोषित प्रवक्ताओं ने मदद की ‘व्हिप’ जारी की’

राजस्थान के सियासी द्वंद्व में बीएसपी प्रमुख मायावती द्वारा कांग्रेस को सबक सिखाने की बात कहने पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पलटवार किया है। इससे पहले मायावती ने राजस्थान में बीएसपी के टिकट पर जीते छह विधायकों को व्हिप जारी कर कांग्रेस के ख़िलाफ़ वोट डालने के लिए कहा था और चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर उनकी सदस्यता को रद्द कर दिया जाएगा। 

प्रियंका ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ‘बीजेपी के अघोषित प्रवक्ताओं ने बीजेपी को मदद की व्हिप जारी की है। लेकिन ये केवल व्हिप नहीं है बल्कि लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने वालों को क्लीन चिट है।’

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प्रियंका का बीजेपी की अघोषित प्रवक्ता को लेकर मायावती पर यह दूसरा वार है। कुछ दिन पहले ही आगरा में कोरोना मरीजों की मौत को लेकर किए गए ट्वीट पर डीएम द्वारा उन्हें नोटिस भेजने पर भी प्रियंका ने कहा था, ‘मैं इंदिरा गांधी की पोती हूं, बीजेपी की अघोषित प्रवक्ता नहीं।’

मायावती ने दिखाए आक्रामक तेवर 

बीएसपी प्रमुख मायावती ने मंगलवार को आक्रामक तेवर दिखाए। मायावती ने कांग्रेस और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चेताया कि वे उन्हें सबक सिखाएंगी। मायावती ने यह भी कहा है कि वह बीएसपी विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी। उन्होंने कहा कि बीएसपी उसके विधायकों के कांग्रेस में विलय के मुद्दे पर फिर से राजस्थान हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगी। 

मायावती ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, ‘बीएसपी पहले भी इस मुद्दे पर कोर्ट जा चुकी है लेकिन हम कांग्रेस और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सबक सिखाने के लिए समय का इंतजार कर रहे थे। हम इस मामले को छोड़ेंगे नहीं। हम सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।’ 

मायावती ने कहा कि कांग्रेस द्वारा बार-बार बीएसपी को धोखा दिए जाने के कारण यह निर्णय लिया गया है। 

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बीएसपी के ये सभी विधायक पिछले साल राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी से मिले थे और उन्हें पत्र सौंपकर कहा था कि वे कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। इन विधायकों के नाम- जोगिंदर सिंह अवाना, राजेंद्र गुढ़ा, दीप चंद खेड़िया, संदीप यादव, लाखन सिंह मीणा और वाजिब अली हैं। 

इन विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के बाद 200 सदस्यों वाली राजस्थान की विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या 107 हो गयी थी और उसके पास कुल 121 विधायकों का समर्थन था। लेकिन सचिन पायलट की बग़ावत के बाद यह संख्या 102 रह गयी है।

राजस्थान की विधानसभा में 200 विधायक हैं। अशोक गहलोत का दावा है कि उनके पास 102 विधायकों का समर्थन है जबकि बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 101 है, ऐसे में गहलोत को अपनी सरकार बचाने के लिए बहुत पसीना बहाना पड़ रहा है।

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