loader

ट्विटर ने कंगना के किसान आंदोलन से जुड़े कई ट्वीट हटाए

ट्विटर ने अक्सर विवादों में रहने वाली कंगना रनौत के कई 'विवादित' ट्वीट को हटा दिया है। ट्विटर ने कहा है कि कंगना के वे ट्वीट इसके प्लेटफ़ॉर्म के हेट स्पीच के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। उनके जो ट्वीट हटाए गए हैं उनमें से एक ट्वीट किसान आंदोलन से जुड़े रोहित शर्मा के एक ट्वीट के जवाब में किया गया ट्वीट था। 

वैसे, ट्विटर ने पहले भी कंगना के ट्वीट को नियमों का उल्लंघन करने वाला बताकर हटाया है। एक बार तो उनके ट्विटर हैंडल पर भी कार्रवाई हुई थी। 

ताज़ा ख़बरें

कंगना रनौत के ट्विटर हैंडल पर ट्विटर की यह कार्रवाई तब हुई है जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पॉप सिंगर रियाना के किसान आंदोलन से जुड़े एक ट्वीट की आलोचना की थी। इसके लिए भी कंगना की तीखी आलोचना की गई। 

ट्विटर ने कंगना के जो ट्वीट हटाए हैं वे किसानों के आंदोलन से जुड़े थे। ट्विटर ने एक बयान में कहा है, 'हमने उन ट्वीट पर कार्रवाई की है, जो हमारे अमल किए जाने के विकल्पों के संदर्भ में ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करते थे।'

हटाए गए ट्वीट में से एक क्रिकेटर रोहित शर्मा की पोस्ट पर कमेंट था। रोहित शर्मा का वह ट्वीट उस शृंखला में लगता है जिसमें खेल और बॉलीवुड की हस्तियों ने ट्वीट कर एकता और अखंडता का आह्वान तब किया जब रियाना ने किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट किया। रियाना ने ट्वीट कर सवाल किया, "हम इसकी चर्चा क्यों नहीं कर रहे हैं?" उन्होंने इसके साथ ही  #FarmersProtest हैशटैग भी जोड़ा।

twitter removed kangana ranaut tweets for violation on farmers protest - Satya Hindi

इस पर कंगना ने ट्वीट किया था, 'कोई भी इसके बारे में बात नहीं कर रहा है क्योंकि वे किसान नहीं हैं, वे आतंकवादी हैं जो भारत को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि चीन हमारे कमजोर टूटे हुए देश पर कब्जा कर सके और इसे संयुक्त राज्य अमेरिका की तरह एक चीनी उपनिवेश बना सके...। मूर्ख कहीं का चुप हो जाओ, हम तुम डम्मी की तरह हम अपने देश को ऐसे नहीं बेचते हैं।'

बता दें कि रोहित शर्मा ने ट्वीट किया था, 'भारत हमेशा मज़बूत रहा है जब हम सभी एकजुट रहे हैं और इसका समाधान खोजना इस वक़्त सबसे ज़रूरी है। हमारे किसान हमारे देश की भलाई में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और मुझे यक़ीन है कि हर कोई एक समाधान खोजने के लिए अपनी भूमिका निभाएगा।' इसके साथ उन्होंने #IndiaTogether हैशटैग भी जोड़ा। 

इसी पर प्रतिक्रिया में कंगना ने ट्वीट किया था जिसे हटा दिया गया है। 

twitter removed kangana ranaut tweets for violation on farmers protest - Satya Hindi
कंगना का हटाया गया ट्वीट।साभार: एनडीटीवी
twitter removed kangana ranaut tweets for violation on farmers protest - Satya Hindi

अभिनेत्री के खाते को पिछले दिनों ट्विटर पर कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया था। कंगना ने उस विवादित ट्वीट में कहा था कि अब सिर कलम करने का वक़्त है। कंगना ने यह ट्वीट सूचना और प्रसारण मंत्रालय के उस बयान लेकर किया था जिसमें मंत्रालय की ओर से कुछ दृश्यों में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान को लेकर लगे आरोपों का जवाब देने के लिए कहा गया था। 

कंगना रनौत अक्सर ट्वीट को लेकर विवादों में रही हैं। उन्होंने हाल ही में किसानों के प्रदर्शन से संबंधित कुछ ऐसा ट्वीट किया था कि उस ट्वीट को हटाना पड़ा था।
दरअसल, कंगना ने जो ट्वीट किया था वह ग़लत दावा था। उन्होंने शाहीन बाग़ में प्रदर्शन करने वाली 90 साल की वृद्धा बिलकिस यानी 'दादी' को लेकर ट्वीट किया था। उन्होंने उस ट्वीट में दावा किया था, 'यही वह दादी है जो टाइम मैगज़ीन में सबसे शक्तिशाली भारतीय के तौर पर दिखी... और वह अब 100 रुपये में उपलब्ध है...।'  कंगना ने अधिवक्ता गौतम यादव नाम के ट्विटर हैंडल के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए यह लिखा था। उस ट्वीट में दो तसवीरें थीं। एक में शाहीन बाग़ की 'दादी' यानी बिलकिस थीं और दूसरे में किसानों के प्रदर्शन में शामिल एक वृद्ध महिला। दोनों तसवीर की वृद्धा को बिलकिस के रूप में बताया गया। और ट्वीट में लिखा गया, 'दिहाड़ी पर दादी उपलब्ध है....।'
इस मामले में पंजाबी सेलिब्रिटी दिलजीत दोसांझ और कंगना के बीच भिड़ंत हो गई थी। दोसांझ ने भी जब कंगना को उनकी ग़लती बताई तो कंगना उनसे भी भिड़ पड़ीं। दोनों के बीच 'ट्विटर वार' शुरू हो गई। कंगना ने तो उनको 'पालतू' तक कह डाला। दिलजीत सांझ ने भी कह दिया कि 'दिमाग़ ठीक है न?'।
सत्य हिन्दी ऐप डाउनलोड करें

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए


गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

सोशल मीडिया से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें