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विश्व कप क्रिकेट में सेमीफ़ाइनल तक पहुँच सकती है भारतीय टीम?

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन और टीम के खिलाड़ियों की स्थिति को देख कर यह तो साफ़ है कि भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है। क्रिकेट अनिश्चितता का खेल है, लेकिन इन टूर्नामेंट नें भारतीय टीम ने अब तक जिस तरह खेल दिखाया है, वह जारी रहा तो इसके सेमीफ़ाइनल तक पहुँचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। 

आख़िरकार बहुप्रतीक्षित और बहुचर्चित भारत पाकिस्तान मैच सम्पन्न हुआ। भारतीय क्रिकेट फ़ैन प्रसन्न है, परन्तु क्रिकेट की दृष्टि से यह एकतरफ़ा व बहुत हद तक नीरस मैच रहा। पहले १० ओवरों के बाद ही भारतीय टीम हावी हो गई व अंत तक हावी रही। क्रिकेट विशेषज्ञों के मत के अनुसार ही परिणाम भी आया । 

विवादास्पद निर्णय

पाकिस्तान टीम ने टॉस जीत कर पहले बॉलिंग़ चुनी, जो कि एक विवादास्पद निर्णय रहा। प्रधानमंत्री इमरान ख़ान तक सलाह दे चुके थे ट्वीट् कर के कि पहले बैटिंग चुनना। परन्तु कप्तान सरफ़राज ने नही मानी। जल्द विकेट मिलने की उम्मीद के साथ उन्होंने मैच खेलना शुरू किया। परन्तु धवन की ग़ैरहाज़िरी में के एल राहुल ने रोहित के साथ ओपन किया और पाकिस्तानी टीम की हसरतों पर पानी फेर दिया।

136 रनों की साझेदारी कर जब राहुल 57 रन बना कर आउट हुए , भारत बेहद मज़बूत स्थिति में पहुँच चुका था। यह साझेदारी पाकिस्तान के विरूद् किसी भी विकेट के लिए विश्वकप में भारत की सबसे बड़ी साझेदारी है। रही सही कसर कप्तान कोहली 77 व रोहित 140 ने पूरी कर दी। भारत ने 336/5 रन बना कर पाकिस्तान को मैच से बाहर कर दिया था। 

मोहम्मद आमिर 47/3 को छोड हर पाक गेंदबाज़ बेअसर रहा। आमिर भी उम्मीद के मुताबिक़ शुरूआती सफलता न दिला सके। 

दबाव में पाकिस्तान

बैटिंग में दबाब के आगे पाकिस्तानी टीम टिक न सकी व एकमात्र साझेदारी बाबर आज़म 48 व फ़कर जमां 62 के बीच ही रही 104 रनों की। एक बार कुलदीप यादव ने यह साझेदारी तोड़ी तो विकेटों की झडी लग गई।

पाकिस्तान का स्कोर 166/6 था जब बारिश ने व्यवधान डाला। 40 मिनट बाद जब खेल दोबारा शुरू हुआ तो डकवर्थ लुइस नियम के तहत लक्ष्य मिला 30 गेंदों पर 136 रनों का। जो असंभव सा था और हुआ भी वही। रस्म अदायगी पूरी की गई और भारत 89 रनों से विजयी रहा। गेंदबाज़ी में कुलदीप यादव , पांडया व विजय शंकर ने 2-2 विकेट लिए। रोहित ने इस विश्वकप का अपना दूसरा शतक बनाया वे मैन आफ द मैच रहे। 

कप्तान कोहली ने ग्यारह हज़ार रन वन डे मैचों में सिर्फ 222 मैचों में पूरे किए जो विश्व रिकार्ड है। अभी यह सचिन के नाम था जिन्होंने यह काम 276 मैचों में किया था। 

भारत हर लिहाज़ से पाकिस्तान से बेहतर टीम थी इसीलिए जीती ।पाकिस्तान के विरूद्ध भारतीय टीम का विश्व कप का रिकार्ड अब 7-0 हो गया है और T-20 विश्व कप के पाँच मैच शामिल कर ले तो यह 12-0 है । 1992 से पाकिस्तान ने किसी भी विश्वकप में चाहे वह एक दिवसीय हो या टी-२० भारत को नही हराया है। 1992 से पहले दोनो टीमें विश्व कप में कोई मैच ही नही हुआ था। 

भारतीय टीम के लिए बुरी ख़बर यह रही कि शिखर धवन के बाद अब मुख्य गेंदबाज़ भुवनेश्वर कुमार भी नसों में खिंचाव के कारण चोटिल होकर २-३ मैचों के लिए बाहर हो गए हैं। 
भारत का अगला मैच अफ़ग़ानिस्तान से २२ जून को है। उसके बाद २७ को वेस्टइंडीज़ , ३० को इंग्लैंड, २ जुलाई को बगलादेश व ६ जुलाई को श्रीलंका से मुक़ाबला होना है। 

उम्मीद की जा रही है कि २ जुलाई वाले मैच के लिए शिखर व भुवी दोनो टीम में चयन हेतु उपलब्ध हो जाएँगे। क्योंकि भारत अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम ही उतारना चाहेगा सेमीफ़ाइनल में मैच प्रैक्टिस के साथ तो इन दोनो का रहना ज़रूरी है। 

यद्यपि भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंक्थ काफ़ी मज़बूत है, परन्तु यह भी सच है कि धवन व भुवी ही पहली पंसद है टीम में स्थान के लिए। आईसीसी टूर्नामेंटों में धवन का रिकार्ड बेजोड़ है व इंग्लैंड के मौसम में भुवी एक बेहद असरदार गेंदबाज़ है। 

भारतीय टीम बेहद मज़बूत नज़र आ रही है बाक़ी टीमों की अपेक्षा हर क्षेत्र में, चाहे बल्लेबाज़ी हो गेंदबाज़ी हो या क्षेत्ररक्षण। अभी तक हुए मैचों में यह साबित भी हुआ है। 

टक्कर इंग्लैंड से

आने वाले पाँचो मैचों में सिर्फ इंग्लैंड से ही भारतीय टीम को टक्कर मिलने की उम्मीद है। बाकी  मैच भारत आसानी से जीतेगा, मौजूदा टीमों के प्रदर्शन को देखते हुए ऐसा लगता है।  भारत व न्यूज़ीलैंड ही अभी तक ऐसी टीमें है जो इस विश्वकप में कोई मैच नही हारी है। दोनो ने 4-4 मैच खेले है व 3-3 जीते है, एक मैच बारिश के कारण न हो सका था तो अंक बँट गए थे।

टीमों के फ़ार्म और प्रदर्शन को देखकर लगता है कि यदि कोई बड़ा उलटफेर न हुआ तो  भारत , न्यूज़ीलैंड, इंग्लैंड व आस्ट्रेलिया सेमीफ़ाइनल में पहुँचेंगे। भारत सेमीफ़ाइनल में तो निश्चित ही पहुँचेगा।

यदि भारतीय टीम इसी तरह खेली तो कोई आश्चर्य नहीं होगा क्रिकेट जगत को यदि वे विजेता होते हैं। विश्वकप २०१९ के यद्यपि इंग्लैंड व न्यूज़ीलैंड की टीमें भी कड़ी टक्कर देने में सक्षम है। 

क्रिकेटअनिश्चितताओ का खेल है, परन्तु भारतीय टीम प्रबल दावेदार है। 

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