भारत की अंडर-19 टीम ने शुक्रवार को इतिहास रच दिया। आयुष म्हात्रे की कप्तानी वाली टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हरा दिया और अंडर-19 विश्व कप का रिकॉर्ड छठा खिताब जीत लिया। यह भारत की आठ साल में तीसरी जीत है। भारतीय टीम ने कुल मिलाकर सबसे ज्यादा खिताब जीते हैं।

जिम्बाब्वे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए फाइनल मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन बनाए, जो विश्व कप फाइनल में सबसे बड़ा स्कोर है। इस शानदार पारी का हीरो था 14 साल का वैभव सूर्यवंशी। उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोके, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। यह फाइनल में किसी बल्लेबाज का सबसे बड़ा स्कोर है।

सूर्यवंशी ने कमाल दिखाया

सूर्यवंशी ने महज 32 गेंदों में 50 रन बनाए, फिर 55 गेंदों में शतक पूरा किया, जो अंडर-19 विश्व कप में दूसरा सबसे तेज शतक है। उसके बाद उन्होंने और तेजी दिखाई और 71 गेंदों में 150 रन पूरे किए। उनके 175 में से 150 रन सिर्फ चौकों और छक्कों से आए। टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 22 छक्के लगाए, जो रिकॉर्ड है। पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस के नाम था जिन्होंने 18 छक्के लगाए थे।

कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी 51 गेंदों में 53 रन बनाए। दोनों ने मिलकर 142 रन की साझेदारी की। सूर्यवंशी के आउट होने के बाद अभिज्ञान कुंडू, वेदांत त्रिवेदी, विहान मल्होत्रा और कनिष्क चौहान ने मोमेंटम बनाए रखा। इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने भारत ने रन रेट 10 के करीब रखा। सूर्यवंशी 26वें ओवर में स्कूप खेलते हुए विकेटकीपर थॉमस रेव को कैच दे बैठे, लेकिन तब तक मैच भारत की झोली में था। इंग्लैंड के खिलाड़ी भी उसकी तारीफ में खड़े हो गए।

इंग्लैंड का पीछा मुश्किल

412 रनों का लक्ष्य चेज करना बहुत मुश्किल था। इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही। आरएस अम्ब्रिश और हेनिल पटेल ने पहले ओवरों में मेडन डाले। जोसेफ मूर्स ने कुछ चौके लगाए लेकिन जल्दी आउट हो गया। 19/1 पर इंग्लैंड दबाव में था।

बेन डॉकिन्स और बेन मेयेस ने 64/1 तक पहुंचाया, लेकिन उसके बाद विकेट गिरते चले गए। आयुष म्हात्रे ने डॉकिन्स को आउट किया। दीपेश देवेंद्रन ने दो विकेट झटके। 22 ओवर में 177/7 हो गए।
कैलेब फाल्कोनर ने अकेले संघर्ष किया। उन्होंने 67 गेंदों में 115 रन बनाए और 9 चौके, 7 छक्के लगाए। यह इंग्लैंड के लिए यूथ वनडे में सबसे तेज शतक है। उन्होंने जेम्स मिंटो के साथ 92 रन की साझेदारी की, लेकिन यह काफी नहीं था। कनिष्क चौहान ने फाल्कोनर को प्वाइंट पर कैच कराया और इंग्लैंड 40.2 ओवर में 311 पर ऑलआउट हो गया। आरएस अम्ब्रिश ने 3 विकेट लिए, कनिष्क चौहान और दीपेश ने भी अच्छी गेंदबाजी की।

यह जीत भारत के लिए बहुत खास है। वैभव सूर्यवंशी को प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। विराट कोहली, गौतम गंभीर जैसे पूर्व कप्तान भी इस जीत पर बधाई दे रहे हैं। भारत ने फिर साबित किया कि अंडर-19 क्रिकेट में वह सबसे मजबूत टीम है। युवा खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन भविष्य के लिए उम्मीद जगाता है।