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पुडुचेरी: कांग्रेस सरकार गिरी, नारायणसामी ने दिया इस्तीफ़ा

कांग्रेस के नेतृत्व वाली पुडुचेरी की वी. नारायणसामी सरकार विधानसभा में विश्वास मत हासिल नहीं कर सकी है। सोमवार को विधानसभा में भाषण देने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों के साथ विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि जिन लोगों ने इस्तीफ़ा दिया है वे लोगों का सामना नहीं कर पाएंगे और लोग उन्हें अवसरवादी कहेंगे। मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने थोड़ी देर बाद राज्यपाल से मिलकर उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया। 

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कई विधायकों के इस्तीफ़ा देने के कारण सरकार मुश्किलों से घिर गई थी। रविवार को भी कांग्रेस के दो और विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी। इनमें चार बार के विधायक लक्ष्मीनारायण और डीएमके के विधायक वेंकटेशन शामिल थे। 

इसके बाद 30 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस-डीएमके सरकार के पास सिर्फ़ 12 विधायक रह गए थे। विधानसभा में दो सीटें खाली होने के कारण अभी 28 विधायक हैं, ऐसे में बहुमत के लिए 14 विधायकों की ज़रूरत थी। विधायकों के इस्तीफ़े के कारण सरकार अल्पमत में आ गई थी और राज्य की नवनियुक्त गवर्नर तमिलसाई सुंदराजन ने फ़्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था। 

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बीजेपी पर लगाया आरोप

मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने रविवार को कहा था कि बीजेपी उनकी सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदत है कि वह कांग्रेस की सरकारों को अस्थिर करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले गोवा, मणिपुर, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश में ऐसा हो चुका है और अब पुडुचेरी में ऐसा किया जा रहा है। 

बीते मंगलवार को तब बड़ा घटनाक्रम हुआ था जब किरण बेदी को राज्य के लेफ़्टिनेंट गवर्नर के पद से हटा दिया गया था और तेलंगाना की राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन से कहा गया था कि वे अपनी मौजूदा ज़िम्मेदारी के अलावा पुडुचेरी की लेफ़्टिनेंट गवर्नर का काम भी देखें।

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इस्तीफ़ा देने वाले विधायकों में ए. नमशिवायम, ई.थिप्पयनजन, मल्लाडी कृष्णा राव और जॉन कुमार भी शामिल हैं। इनमें से ए. नमशिवायम, ई.थिप्पयनजन बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। ए. नमशिवायम का जाना कांग्रेस के लिए ज़्यादा बड़ा झटका है क्योंकि वह पुडुचेरी कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं। पार्टी छोड़ने के बाद से कई कार्यकर्ता ए. नमशिवायम के साथ जा चुके हैं। ए. नमशिवायम 2016 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल थे लेकिन पार्टी ने वी. नारायणसामी को मुख्यमंत्री बनाया था। 
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