Tamil Nadu में political crisis बढ़ता जा रहा है। विजय तीन बार गवर्नर अर्लेकर से मिल चुके हैं लेकिन राजभवन से हीलाहवाली जारी है। टीवीके को AMMK दिनाकरण ने विवाद में भी घसीट लिया है।
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक संकट और गहरा गया है। अभिनेता विजय की पार्टी TVK और टीटीवी दिनाकरण की अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (AMMK) के बीच अब खुली टक्कर शुरू हो गई है। AMMK ने TVK के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि टीवीके ने उनके एकमात्र विधायक का फर्जी समर्थन पत्र का इस्तेमाल किया है।
यह विवाद AMMK के एकमात्र विधायक एस कामराज के समर्थन को लेकर शुरू हुआ, जो राज्य में सरकार बनाने की जंग में बेहद अहम माने जा रहे हैं।
क्या है दिनाकरण की शिकायत
AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरण ने आरोप लगाया कि TVK ने राज्यपाल को कामराज के कथित समर्थन पत्र की “फर्जी कॉपी” सौंपी है। उन्होंने कहा कि यह सीधा जालसाजी का मामला है और पार्टी ने आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। दिनाकरण ने कहा, “यह फर्जीवाड़ा है। AMMK का आधिकारिक समर्थन AIADMK के साथ है।” उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और AIADMK के साथ बनी हुई है तथा एडप्पडी के पलानीस्वामी ही गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं।
TVK ने जारी किया वीडियो
विवाद उस समय और बढ़ गया जब TVK ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें विधायक एस कामराज कथित तौर पर विजय के नेतृत्व वाली पार्टी के समर्थन में पत्र लिखते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो ANI के जरिए सामने आया और TVK नेताओं ने इसे व्यापक रूप से साझा किया। वीडियो में कामराज कथित तौर पर यह कहते सुनाई देते हैं कि वह AMMK महासचिव टीटीवी दिनाकरण की सहमति से TVK को समर्थन दे रहे हैं।TVK ने बयान जारी कर कहा, “यह वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाता है कि AMMK विधायक कामराज अपनी खुशी से TVK के समर्थन में पत्र लिख रहे थे। अब यह कहना कि उन्होंने पत्र नहीं लिखा, पूरी तरह झूठ और तथ्यों के विपरीत है।” पार्टी ने दिनाकरण पर “झूठी खबरें और गलत जानकारी” फैलाने का आरोप लगाया। TVK ने यह भी कहा कि सरकार गठन के लिए उसे किसी से “सौदेबाजी” करने की आवश्यकता नहीं है।
दिनाकरण रात 9 बजे राज्यपाल से मिले, AIADMK को समर्थन
राजनीतिक घटनाक्रम में बड़ा मोड़ तब आया जब टीटीवी दिनाकरण विधायक कामराज को साथ लेकर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिले और औपचारिक रूप से AIADMK नेता एडप्पडी के पलानीस्वामी के सरकार बनाने के दावे का समर्थन किया। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दिन में पहले दिनाकरण ने दावा किया था कि उनका विधायक “लापता” है और उसे राजनीतिक दबाव या तोड़फोड़ का निशाना बनाया जा सकता है। राज्यपाल के सामने कामराज को पेश कर दिनाकरण ने यह संदेश देने की कोशिश की कि AMMK का समर्थन पूरी तरह AIADMK के साथ है और TVK को समर्थन देने की खबरें गलत हैं।नंबर गेम पर टिकी निगाहें, कहानी में बार-बार नया मोड़
तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों में बहुमत का आंकड़ा 118 है। 23 अप्रैल को हुए चुनाव में विजय की TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई थी। कांग्रेस के पांच विधायकों ने TVK को समर्थन दिया है। बाद में CPI और CPI(M) ने भी दो-दो विधायकों का समर्थन देने की घोषणा की, जिससे TVK बहुमत के करीब पहुंच गई। हालांकि, पार्टी अभी भी बहुमत के आंकड़े से पीछे है। इसी बीच इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने TVK को समर्थन देने के दावों से दूरी बना ली। वहीं विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) का समर्थन पत्र भी देरी से पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक VCK उपमुख्यमंत्री पद की मांग को लेकर अड़ी हुई है।राज्यपाल पर टिकी नजरें
विजय पहले ही राज्यपाल आर्लेकर से मुलाकात कर चुके हैं और दावा किया है कि उनके पास 116 विधायकों का समर्थन है। खबरें थीं कि शनिवार को विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, लेकिन समर्थन पत्रों को लेकर पैदा हुए विवाद ने स्थिति को जटिल बना दिया।
अब राज्यपाल राजभवन में सभी दावों और समर्थन पत्रों की जांच कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात पर नजर है कि सरकार बनाने के लिए किसे आमंत्रित किया जाएगा।सुप्रीम कोर्ट पहुंची TVK
इस बीच विजय की पार्टी TVK ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने याचिका दाखिल कर राज्यपाल को निर्देश देने की मांग की है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते TVK को सरकार बनाने के लिए बुलाया जाए। याचिका में कहा गया है कि राज्यपाल द्वारा विजय को आमंत्रित न करना संविधान के अनुच्छेद 12 और 32 का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया, “बहुमत साबित करने का एकमात्र वैध मंच विधानसभा का फ्लोर टेस्ट है। राज्यपाल को दिए गए पत्र या हलफनामे फ्लोर टेस्ट का विकल्प नहीं हो सकते।” सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम आवेदन
TVK ने दलील दी कि राज्यपाल की भूमिका केवल सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने तक सीमित है, न कि पहले से पूर्ण बहुमत साबित करने की मांग करने तक। याचिका में यह भी कहा गया कि सही संवैधानिक प्रक्रिया यह है कि पहले TVK को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए, मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई जाए और उसके बाद विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराया जाए। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक एक अंतरिम आवेदन भी दायर किया गया है, जिसमें राज्यपाल को किसी अन्य दल या नेता को सरकार गठन के लिए आमंत्रित करने से रोकने की मांग की गई है। तमिलनाडु की राजनीति में समर्थन पत्र, कथित जालसाजी, बदलते गठबंधन और बहुमत के दावों के बीच अब पूरा ध्यान राज्यपाल और संभावित फ्लोर टेस्ट पर टिका हुआ है।