गैंगरेप के आरोपी भाजपा से जुड़े रहे छात्र नेता पीएम और सीएम के साथ। फोटो कांग्रेस के एक्स हैंडल से।
वाराणसी के लंका पुलिस स्टेशन के एसएचओ शिवाकांत मिश्रा ने कहा, मामले में तीन लोगों - कुणाल पांडेय, आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल को गिरफ्तार किया गया है। कुणाल पांडेय और आनंद भाजपा आईटी सेल से जुड़े हुए थे। बाद में भाजपा ने दोनों को निष्कासित कर दिया और उनसे दूरी बना ली।
क्यों मिली जमानतः दोनों आरोपियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली है। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी पक्ष इस मामले में अभियुक्तों के खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं कर सका। दोनों का पुराना आपराधिक रेकॉर्ड भी नहीं है। दोनों पर पहली बार किसी अपराध में आरोप लगा है। इसलिए इनकी जमानत मंजूर की जाती है। यहां यह बताना जरूरी है कि अदालत रेप और गैंगरेप के मामलों में बिना ठोस कारण जमानत नहीं देती। रेप के आरोपी कई बार चार-चार साल तक जेल में रहते हैं, तब जाकर उनकी जमानत होती है। लेकिन इस मामले में आरोपी को आठ महीने में ही जमानत मिल गई। भाजपा शासित यूपी में सरकारी पक्ष यानी पुलिस को ठोस सबूत तलाशने थे। लेकिन जब गिरफ्तारी में ही दो महीने लग गए तो सबूत की क्या उम्मीद की जा सकती है।