बैठक में बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा, संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और उत्तर प्रदेश में संगठन के मामलों के प्रभारी सुनील बंसल भी मौजूद रहे।
संघ जानता है कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की हार का मतलब होगा- 2024 में मोदी की सत्ता को सीधी चुनौती। इसलिए वह काफ़ी पहले से ही चुनाव की तैयारियों में जुट गया है।
इन इलाक़ों में जाट मतदाता और किसान वर्ग चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है और बीते महीनों में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान से लेकर पार्टी के तमाम नेताओं का उन्हीं के इलाक़ों में जोरदार विरोध हो चुका है।