loader
फ़ाइल फ़ोटो

अमेठी: दलित प्रधान के पति को जिंदा जलाया, मौत 

उत्तर प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचार की अंतहीन दास्तां है। हाथरस, बलरामपुर सहित कई जगहों पर दलित युवतियों के साथ सामूहिक बलात्कार की घटनाएं हुईं। हाथरस में तो अभियुक्तों को निर्दोष बताते हुए बीजेपी के नेताओं की सभाएं तक हुईं। फिलहाल, सीबीआई हाथरस मामले की जांच कर रही है और इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही है। पीड़ित परिवार इंसाफ़ की उम्मीद लगाए बैठा है। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बात का दावा करते नहीं थकते कि प्रदेश में हर व्यक्ति सुरक्षित है। लेकिन दलितों पर हो रहे अत्याचार की तमाम घटनाएं उन्हें पूरी तरह झूठा साबित करती हैं। 

ताज़ा ख़बरें

ताज़ा घटना अमेठी में हुई है, जहां शुक्रवार को एक दलित शख़्स को जिंदा जला दिया गया। बुरी तरह जल चुके इस शख़्स को लखनऊ रेफ़र किया गया लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बताया गया है कि पैसे के विवाद को लेकर ये घटना हुई। इस शख़्स का नाम अर्जुन कोरी था और उनकी पत्नी का नाम छोट्टका है। छोट्टका ग्राम प्रधान हैं। यह घटना मुंशीगंज पुलिस थाने के बंदोइया गांव में हुई। 

ग्राम प्रधान छोट्टका ने कहा है कि उनके पति को पहले पांच-छह लोगों ने जमकर पीटा और उसके बाद जिंदा जला दिया। उन्होंने बताया कि यह घटना पैसे के विवाद को लेकर हुई। अमेठी के एसपी दिनेश सिंह ने कहा कि परिजनों ने पांच लोगों के ख़िलाफ़ तहरीर दी है और हत्या का मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है। 

उत्तर प्रदेश से और ख़बरें

चित्रकूट में बलात्कार

8 अक्टूबर को चित्रकूट में एक नाबालिग दलित लड़की के साथ दरिंदगी की गई। यह घटना चित्रकूट कोतवाली इलाक़े के कैमरहा का पूर्व नाम के गांव में हुई है। नाबालिग के परिजनों ने कहा था कि उनकी बेटी शौच के लिए खेतों में गई थी, जहां से तीन लोगों ने उसे अगवा कर लिया और फिर बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद नाबालिग के हाथ-पांव बांधकर उसे एक नर्सरी में फेंक दिया। 

आज़मगढ़ में दलित प्रधान की हत्या 

इसी साल अगस्त महीने में आज़मगढ़ में सत्यमेव जयते नाम के दलित ग्राम प्रधान की हत्या कर दी गई थी। सत्यमेव जयते के भतीजे लिंकन ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा था कि यह हत्या जातीय नफ़रत की वजह से हुई। उन्होंने कहा था कि सवर्ण लोग एक दलित शख़्स के प्रधान बनने और उनके सामने खड़े होने को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। 

अगस्त में ही गोरखपुर से दलित उत्पीड़न की एक घटना सामने आई थी, जिसमें एक नाबालिग के साथ दो लोगों ने बलात्कार किया था और हैवानियत की हदें पार करते हुए उसके बदन को सिगरेट से दाग दिया था। इस मामले में अपहरण, सामूहिक बलात्कार और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत दोनों अभियुक्तों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया था। 

कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में आम आदमी की हिफ़ाजत की जिम्मेदारी करने में योगी सरकार पूरी तरह विफल रही है। सवाल यह है कि योगी सरकार अपनी जिम्मेदारी से कब तक भागेगी। 

'सत्य हिन्दी'
की ताक़त बनिए

गोदी मीडिया और विशाल कारपोरेट मीडिया के मुक़ाबले स्वतंत्र पत्रकारिता का साथ दीजिए और उसकी ताक़त बनिए। 'सत्य हिन्दी' की सदस्यता योजना में आपका आर्थिक योगदान ऐसे नाज़ुक समय में स्वतंत्र पत्रकारिता को बहुत मज़बूती देगा। याद रखिए, लोकतंत्र तभी बचेगा, जब सच बचेगा।

नीचे दी गयी विभिन्न सदस्यता योजनाओं में से अपना चुनाव कीजिए। सभी प्रकार की सदस्यता की अवधि एक वर्ष है। सदस्यता का चुनाव करने से पहले कृपया नीचे दिये गये सदस्यता योजना के विवरण और Membership Rules & NormsCancellation & Refund Policy को ध्यान से पढ़ें। आपका भुगतान प्राप्त होने की GST Invoice और सदस्यता-पत्र हम आपको ईमेल से ही भेजेंगे। कृपया अपना नाम व ईमेल सही तरीक़े से लिखें।
सत्य अनुयायी के रूप में आप पाएंगे:
  1. सदस्यता-पत्र
  2. विशेष न्यूज़लेटर: 'सत्य हिन्दी' की चुनिंदा विशेष कवरेज की जानकारी आपको पहले से मिल जायगी। आपकी ईमेल पर समय-समय पर आपको हमारा विशेष न्यूज़लेटर भेजा जायगा, जिसमें 'सत्य हिन्दी' की विशेष कवरेज की जानकारी आपको दी जायेगी, ताकि हमारी कोई ख़ास पेशकश आपसे छूट न जाय।
  3. 'सत्य हिन्दी' के 3 webinars में भाग लेने का मुफ़्त निमंत्रण। सदस्यता तिथि से 90 दिनों के भीतर आप अपनी पसन्द के किसी 3 webinar में भाग लेने के लिए प्राथमिकता से अपना स्थान आरक्षित करा सकेंगे। 'सत्य हिन्दी' सदस्यों को आवंटन के बाद रिक्त बच गये स्थानों के लिए सामान्य पंजीकरण खोला जायगा। *कृपया ध्यान रखें कि वेबिनार के स्थान सीमित हैं और पंजीकरण के बाद यदि किसी कारण से आप वेबिनार में भाग नहीं ले पाये, तो हम उसके एवज़ में आपको अतिरिक्त अवसर नहीं दे पायेंगे।
सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें

अपनी राय बतायें

उत्तर प्रदेश से और खबरें

ताज़ा ख़बरें

सर्वाधिक पढ़ी गयी खबरें