यूपी के गाजीपुर में 16 साल की लड़की की मौत पर बवाल हो गया है। इस मामले में पीड़ित परिवार से मिलने के लिए समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के गांव पहुंचने पर एक समूह ने रोका और पत्थरबाजी कर दी। इसमें कई नेता घायल हो गए। इधर, कांग्रेस ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मांग की है कि इलाहाबाद हाई कोर्ट जज की निगरानी में एक स्पेशल सीबीआई टीम से जाँच कराई जाए। पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने जाएगा।

बलात्कार के बाद हत्या हुई: परिवार

गाजीपुर के कटरिया गांव में 15 अप्रैल को गंगा नदी में 16 साल की लड़की का शव मिला। पुलिस ने शुरू में इसे आत्महत्या या डूबने का मामला बताया, लेकिन परिवार ने बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया। पीड़िता के पिता ने थाने में रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने जांच की और एक आरोपी हरिओम पांडेय को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। दूसरे आरोपी के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया। परिवार का कहना है कि पुलिस ने शुरू में बयान बदलने का दबाव डाला। घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। सोशल मीडिया पर जातीय टिप्पणियां भी हुईं, जिससे माहौल और बिगड़ गया।

सपा डेलिगेशन पर पथराव क्यों?

समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को पीड़ित परिवार से मिलने कटरिया गांव पहुंचा। इसमें पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा, जंगीपुर से सपा विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव, रीना यादव और बिंदुबाला बिंद शामिल थे। एक समूह ने उन्हें गांव में घुसने नहीं दिया। सपा कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए। दोनों पक्षों में पहले बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे झगड़े में बदल गई। फिर पत्थरबाजी हो गई। इसमें पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा के सिर पर गंभीर चोट लगी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य सपा नेताओं को भी चोटें आईं। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने की कोशिश की।

पहले सपा ने किया था प्रदर्शन

इससे पहले 20 अप्रैल को सपा ने गाजीपुर में बड़ा प्रदर्शन किया था। सरजू पांडे पार्क में धरना-प्रदर्शन हुआ। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि हत्यारों पर पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो, विसरा जांच कराई जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक मदद दी जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि करंडा थानाध्यक्ष को बर्खास्त किया जाए। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया।

सीबीआई जाँच हो: कांग्रेस

कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले पर सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने कहा कि विश्वकर्मा समाज की बेटी के साथ बलात्कार और हत्या हुई। पिता ने रिपोर्ट लिखाई तो उन पर बयान बदलने का दबाव बनाया गया। जब समाज के लोग आरोपी के गांव गए तो उनके साथ धक्का-मुक्की हुई।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव के समय दलितों-पिछड़ों को अपना भाई बताते हैं, लेकिन चुनाव के बाद सब भूल जाते हैं। कांग्रेस ने मांग की कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज की निगरानी में स्पेशल सीबीआई टीम बने, जांच की रिपोर्ट 30 दिनों में सबमिट हो और दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस के ओबीसी विंग के नेशनल वाइस चेयरमैन सरदार इंदरजीत सिंह और यूपी ओबीसी कांग्रेस चेयरमैन मनोज यादव जल्द गाजीपुर जाएंगे। कांग्रेस ने अति पिछड़ा अत्याचार निवारण एक्ट बनाने की पुरानी मांग भी दोहराई।

कांग्रेस ने कहा, "यूपी के हाथरस में कुशवाहा परिवार की एक बेटी के साथ कई दिनों से छेड़छाड़ की जा रही थी। इस संबंध में परिवार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि बच्ची की हत्या की जा सकती है, लेकिन पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया और आखिर में उस बेटी की हत्या कर दी गई। इसी तरह, गाजीपुर में विश्वकर्मा परिवार की बेटी के साथ गैंगरेप कर हत्या कर दी गई। इस मामले में ख़बरें ये भी हैं कि पुलिस ने समझौता कराने का भी प्रयास किया। बिलकिस बानो केस और बीएचयू रेप केस भी कोई भूला नहीं, जहां बीजेपी ने एक तरफ दोषियों का माला पहनाकर सम्मान किया तो वही बीएचयू रेप केस में पुलिसिया कार्रवाई लचर दिखी। यही- बीजेपी का असली चाल, चरित्र और चेहरा है।"

क्या हैं हालात?

पीड़ित परिवार की ओर से भारी दबाव पड़ने के बाद अब पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन परिवार और विपक्षी पार्टियाँ पूरी जाँच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रही हैं। गांव में अभी भी तनाव है। प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

यह मामला यूपी में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की भूमिका पर फिर से सवाल खड़ा कर रहा है। सभी पक्ष न्याय की मांग कर रहे हैं। चुनाव आयोग के नियमों के बीच यह घटना राजनीतिक बवाल का केंद्र बन गई है।