उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बार फिर राजनीतिक बवाल मच गया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इस मुकदमे में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), अभिनेत्री उर्मिला सनावर और कुछ अन्य सोशल मीडिया यूजर्स को प्रतिवादी बनाया गया है। गौतम ने 2 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है।

याचिका में कहा गया है कि उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप पोस्ट की, जिसमें पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की आवाज बताते हुए दुष्यंत गौतम को कथित तौर पर अंकिता भंडारी मामले में वो 'VIP' बताया था, जिसने कथित यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला था। इस क्लिप के वायरल होने के बाद कई मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बीजेपी महासचिव दुष्यंत गौतम को मामले से जोड़ा गया, जिससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। गौतम ने आरोप लगाया कि यह सब भाजपा और उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उत्तराखंड के तमाम शहरों में दुष्यंत गौतम के फोटो के साथ पुतले जनता जला रही है, जिस पर वीआईपी गट्टू लिखा हुआ है। कथित ऑडियो क्लिप में वीआईपी गट्टू का नाम लिया गया है।

बीजेपी महासचिव और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम

इसके अलावा, गौतम ने देहरादून के डालनवाला पुलिस स्टेशन में सुरेश राठौर, उर्मिला सनावर, कांग्रेस और आप के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं और मानहानि के तहत शिकायत भी दर्ज कराई है।

अंकिता भंडारी, जो रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं, की 2022 में हत्या कर दी गई थी। जांच में पाया गया कि रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता के बेटे) और उनके दो सहयोगियों ने अंकिता को यौन सेवाएं देने से इनकार करने पर नहर में धकेल दिया था। कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उत्तराखंड पुलिस और एसआईटी की जांच में किसी 'VIP' की संलिप्तता की बात सामने आई, लेकिन वो वीआईपी कौन था, यह बात दबा दी गई। 

हाल ही में उर्मिला सनावर (जो खुद को बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं) ने दावा किया कि मामले में जिस कथित 'VIP' का नाम आया है, वो बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम हैं। गौतम ने इन खबरों का फौरन खंडन किया। उन्होंने कहा कि वो अंकिता भंडारी को नहीं जानते। सुरेश राठौर ने ऑडियो को एआई जनरेटेड बताकर खारिज कर दिया और सनावर पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया। उर्मिला सनावर के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी हुआ है।

उत्तराखंड की जनता और कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सीबीआई जांच की मांग की है और गौतम की गिरफ्तारी तक की मांग उठाई है। वहीं, भाजपा का कहना है कि यह पुराने मामले को राजनीतिक लाभ के लिए उछाला जा रहा है। सोशल मीडिया पर दुष्यंत गौतम की प्रधानमंत्री मोदी के साथ फोटो भी वायरल है। हालांकि गौतम आरोपों को बार-बार गलत बता रहे हैं।

यह मामला उत्तराखंड में प्रदर्शनों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का कारण बना हुआ है। 4 जनवरी को अंकिता भंडारी को इंसाफ दिलाने के लिए हुए प्रदर्शन में बड़ी तादाद में बुजुर्ग महिलाओं ने हिस्सा लिया। बीजेपी से जुड़ी महिला कार्यकर्ता भी सड़कों पर दिखाई दीं। उन्होंने कहा कि अगर दुष्यंत गौतम पाकसाफ हैं तो उत्तराखंड की बीजेपी सरकार सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार से क्यों नहीं कह रही है।