यूपी :योगी जी,मान गए उस्ताद या फिर मानना पड़ा? देखिये वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी की धारदार चर्चा।
विजय त्रिवेदी वरिष्ठ पत्रकार हैं, राजनीतिक और दूसरे सम सामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।
यूपी :योगी जी,मान गए उस्ताद या फिर मानना पड़ा? देखिये वरिष्ठ पत्रकार विजय त्रिवेदी की धारदार चर्चा।
विजय त्रिवेदी वरिष्ठ पत्रकार हैं, राजनीतिक और दूसरे सम सामयिक विषयों पर लिखते रहते हैं।