असम की राजनीति के जानकार और डिब्रुगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रो. कौस्तुभ डेका का कहना है कि खंडित जनादेश आ सकता है और तब चुनाव बाद की जोड़-तोड़ अहम भूमिका निभाएगा। पेश है उनसे मुकेश कुमार की बातचीत-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।

























