बचपन में जब मैं पढ़ता सुनता था कि ह्नेनसांग नामक चीनी यात्री सैकड़ों बरस पहले चीन से भारत पैदल चलकर आया और वापस गया था तो सोचता रह जाता था कि यह कैसे संभव हुआ होगा। आज तीन युवा मज़दूरों से बात की। गुजरात से अयोध्या पैदल सत्रह दिन में, उन्हीं को उन्हीं से सुनिये।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।








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