राष्ट्रीय मीडिया की घनघोर कृपा से कोरोना प्रसंग पूरी तरह से तबलीगी जमात पर शिफ़्ट हो चुका है। हम इन पर अलग अलग तरह के दानिशवरों की राय आप तक पहुँचा रहे हैं। इसी सिलसिले में जेएनयू के प्रोफेसर मज़हर हुसैन आज शीतल पी सिंह के सवालों के सामने थे।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।

























