कोरोना महामारी के बाद जन स्वास्थ्य को लेकर नई तरह से विचार किया जाने लगा है। लेकिन आप और हम इसे कितना समझते हैं? पेश है इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ, गाँधीनगर के निदेशक प्रो. दिलीप मावलंकर और जॉंस हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के दिल्ली स्थित सेंटर फॉर कम्यूनिकेशन के पूर्व निदेशक डॉ. प्रदीप कृष्णात्रे के साथ वरिष्ठ पत्रकार मुकेश कुमार की बातचीत।
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























