निर्देशक निखिल आडवाणी की वेदा फिल्म जातिवाद और ऑनर किलिंग को एक्शन और ड्रामा के मिश्रण से पेश करती है. फिल्म में अवास्तविक चरित्र चित्रण और धीमी गति तथा हिंसा के अतिरेक कारण लड़खड़ा गई है। यह स्त्री प्रधान फिल्म होते हुए भी हिंसा प्रधान फिल्म हो गई है। फिल्म की समीक्षा कर रहे हैं डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी






















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