वह छूटते ही माँ बहन की गालियाँ बकता है पर उसके वीडियोज लाखों लोग देखते हैं। कई कंपनियाँ उसे बढ़ाती हैं वह ऐसे भड़काऊ अश्लील हिंसक वीडियोज रोज़ परोसता है पर कोई क़ानून उसके पीछे नहीं है। कोई अदालत उसे सुओ मोटो तलब नहीं करती! जानिये विकास पाठक उर्फ़ हिंदुस्तानी भाऊ का संसार शीतल पी सिंह के ज़रिये।
1984 से अमर उजाला, चौथी दुनिया, इंडिया टुडे, समय सूत्रधार, स्वतंत्र भारत, दैनिक जागरण आदि में 1993 तक लगातार रिपोर्टिंग की। इसके बाद पारिवारिक व्यवसाय में क़रीब दो दशक गुज़ारने के बाद पत्रकारिता में पुनर्वापसी को प्रयासरत। बीच में 2010-11 में 'समकाल' पाक्षिक समाचार पत्रिका का क़रीब एक वर्ष प्रकाशन किया ।





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