क्या काँग्रेस का घोषणापत्र चुनाव में कोई नरैटिव बना सकेगा? क्या उससे पार्टी और कार्यकर्ताओं पाँच न्याय और पचीस गारंटियों को मतदाताओं तक ले जा पाएंगे? वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा से डॉ. मुकेश कुमार की बातचीत-
लेखक सत्यहिंदी के संपादक हैं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी लिबरल एंड क्रिएटिव आर्ट्स के पूर्व डीन हैं। पत्रकार, टीवी एंकर, लेखक, कवि और अनुवादक के तौर पर रचनात्मक लेखन कार्य करते रहे हैं।


























